अनुराधा पौडवाल ने कहा- गंगा को केंद्र सरकार राष्ट्रीय नदी घोषित करें

प्रख्यात भजन गायिका अनुराधा पौडवाल ने कहा कि उत्तराखंड से मेरा दिली नाता रहा है। पहली बार गंगा तट पर हरकी पैड़ी हरिद्वार में मैंने भजन गाया था। गंगा एक नदी नहीं बल्कि जीवनधारा है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह आग्रह करती हूं कि गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित किया जाए और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की तर्ज पर गंगा के सम्मान के लिए भी कड़े कानून बने।

प्रमुख घाटों पर गंगा आरती के साथ राष्ट्रीय गान होता है तो इससे गंगा के प्रति सम्मान ही नहीं बल्कि लोगों में मातृत्व भाव भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुझे जब भी मौका मिलेगा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष यह बात रखूंगी। महात्मा गांधी ने स्वच्छता के मंत्र को अपनाया था। प्रधानमंत्री भी स्वच्छता को लेकर बहुत कुछ कर रहे हैं। शौचालयों को लेकर उन्होंने समाज की सोच को बदला है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 1991 में उन्होंने हरकी पैड़ी हरिद्वार में गंगा पर सबसे पहला भजन मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा… गाया था। 27 वर्ष बाद इन्वेस्टर्स समिट में उन्हें गंगा तट पर गाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को गंगा आरती में उनका पहला भजन मां गंगा के ऊपर ही होगा। बाकी जैसा माहौल होगा, उसी के अनुरूप वह कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी।

इन्वेस्टर्स समिट में आना मेरा सौभाग्य

भजन गायिका अनुराधा पौडवाल ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि इन्वेस्टर्स समिट में भजनों की प्रस्तुति के लिए उत्तराखंड सरकार ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि इस समिट से उत्तराखंड को निश्चित रूप से बहुत फायदा होगा। यहां बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। उत्तराखंड को पिछड़ा कहना गलत होगा। क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से समृद्ध है और दुनिया में उत्तराखंड सबसे खूबसूरत है। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह समिट आयोजित कर सराहनीय कदम उठाया है। 

उत्तराखंड की फिजाओं में बसता है संगीत

भजन गायिका अनुराधा पौडवाल ने कहा कि चैनलों के व्यवसायीकरण से भक्ति, योग व अन्य कार्यक्रमों में वृद्धि हुई है। मगर, उन्होंने अपना सफर इन हालात में भी जारी रखा है। आज भी पुराने गीत रिमिक्स होकर भजनों के रूप में परोसे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैं स्वयं संगीत के माध्यम से उत्तराखंड से जुड़ी हूं। मेरे लिए संगीत बहुमान्य है। कहा कि उत्तराखंड की फिजाओं, वादियों हर चीज में संगीत विद्यमान है।