
सर्वशिक्षा अभियान को पलीता लगा रहे अधिकारी।
स्वच्छता मिशन का मजाक बना रहे अधिकारी।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के सपनो को मिटा रहे अधिकारी।
सूबे में भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री ने शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और प्राइमरी स्तर पर शिक्षा को बेहतर करने के लिए कई नयी योजनाओ को शुरू किया पर अधिकारियों की मंशा कुछ अलग ही रहती है वो लगातार लापरवाही करते जा रहे न ही उनको सरकार का कोई डर नही है।लगातार शिक्षा विभाग किसी न किसी कारण सुर्खियों में रहता है पर अपने आप को सुधार नही रहा।।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल में आवारा जानवर भी घूम रहे है।स्कूल में इमारत खंडहर बनी है जिसमे कई बार साँप में बिछू निकल चुके ।पर शिक्षा विभाग शिकायतो के बाद कोई सफाई नही करा रहा।देश मे प्रधानमंत्री स्वच्छता मिशन पर करोड़ो खर्च कर रहे पर इस स्कूल में अधिकारी किसी अनहोनी की राह देख रहे हैं।।
आम तौर पर कि स्कूलों में मध्यान भोजन में कोई न कोई कमी होती है पर इस स्कूल में भोजन ग्राम प्रधान के हवाले है यहाँ अक्सर न ही भोजन बनता ओर दूध व फल कमी नही मिलते।सरकार के मीनू चार्ट के अनुसार सोमबार को फल और बुधवार को दूध हर बच्चे को मिलना चाहये पर बच्चो का दूध और फल तो भृष्टाचार की बली चढ़ रहा है।।
आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि स्कूल में शौचालय की क्या स्थिति है बच्चे या तो अपने घर जाए या स्कूल के बार किसी तालाब के किनारे जहाँ उनके साथ कोई भी घटना घट सकती है ऐसी कई घटनाएं सामने भी आई हैं।पर प्रशासन इन स्कूलों पर कोई ध्यान नही दे रहा है।