S-400 डील पर मोदी-पुतिन ने किए हस्ताक्षर, साथ ही हुए कई और अहम् समझौते…

दुश्मन देशों की खतरनाक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने वाली रूस की वायु रक्षा प्रणाली एस-400 अब भारत की रक्षा करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में शुक्रवार को सालाना बैठक में एस-400 ट्रायंफ सिस्टम खरीदने पर मुहर लग गई।

रूस पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अमेरिकी काटसा कानून को देखते हुए दोनों पक्षों ने इस करार को मीडिया के सामने लाने से परहेज किया है। हालांकि, अमेरिका ने अब संकेत दिया है कि वह इस सौदे को लेकर अड़ियल रवैया नहीं अपनाएगा और इसको प्रतिबंध से छूट देने पर विचार करेगा।

भारत और रूस के बीच शुक्रवार को 19वीं सालाना बैठक थी। इस बैठक में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति पुतिन गुरुवार को नई दिल्ली आए थे। शुक्रवार को उनकी मोदी के साथ कुल मिलाकर 4.30 घंटे लंबी बातचीत हुई। इसमें डेढ़ घंटे दोनों नेताओं की एकांत में वार्ता हुई।

दोनों नेताओं के बीच रूस में भारत की तरफ से नया तेल ब्लॉक खरीदने, साथ मिल कर नागरिक विमान बनाने, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर शीघ्रता से सहमति बनाने, साथ मिल कर दूसरे देशों में संपर्क परियोजनाओं को लागू करने जैसे अहम मुद्दों पर ठोस बात हुई।

अगले पांच वर्षों का द्विपक्षीय सहयोग का एजेंडा बनाने की जिम्मेदारी दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को सौंपा गया।

सूत्रों के मुताबिक भारत को एस-400 ट्रायंफ सिस्टम की आपूर्ति दो वर्षों बाद शुरू हो जाएगी। भारत फिलहाल इसके पांच स्क्वाड्रन खरीदेगा। हर स्क्वाड्रन में दो मिसाइल सिस्टम होते हैं। इसकी कीमत तकरीबन 39 हजार करोड़ रुपये आएगी। इसे देश के पांच अहम शहरों या रणनीतिक दृष्टिकोण से अहम माने जाने वाले इलाकों में तैनात किया जा सकता है।

एक बार में 72 मिसाइलें दाग सकता है यह सिस्टम-

-एस-400 सिस्टम एक बार में 72 मिसाइलें दाग सकता है। यह 36 परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों को एक साथ नष्ट कर सकता है।

-यह सिस्टम पाकिस्तान और चीन की परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा देगा।

-यह एस-300 का अपडेटेड वर्जन है। यह पूरे मिसाइल अटैक को निष्फल बनाने की क्षमता रखता है।

-यह 400 किलोमीटर के दायरे में मिसाइलों और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी खत्म कर देगा।

-यह सिस्टम अमेरिका के सबसे आधुनिक फाइटर जेट एफ-35 को भी मारकर गिरा सकता है।

-भारत से पहले चीन रूस से यह प्रणाली खरीद चुका है। दोनों देशों के बीच इसकी और खरीद को लेकर बातचीत जारी है।

भारत को तकनीक नहीं देगा रूस

भारत को यह सिस्टम बेचा जा रहा है यानी इसके निर्माण या तकनीकी हस्तांतरण आदि पर बात नहीं हुई है। भारत के साथ बड़ा सौदा करके रूस बेहद खुश है। इसने कहा है कि दोनों देशों के बीच पारंपरिक रक्षा सहयोग के क्षेत्र में नए युग का आरंभ हो रहा है।

भारत में हथियार बनाने पर चर्चा-

मोदी और पुतिन के बीच रक्षा सहयोग को लेकर दूसरे कई मुद्दों पर बात हुई है। इसमें मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में हथियारों का निर्माण शामिल है। लेकिन इसके बारे में अभी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

सौदे पर थी अमेरिका की टेढ़ी नजर

भारत-रूस के बीच एस-400 सौदे पर अमेरिका की भृकुटियां तनी हुई थीं, क्योंकि उसने रूस पर काउंटरिग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट (काटसा) लगा रखा है। शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संकेत देने की कोशिश की है कि वह इस सौदे को लेकर फिलहाल विचार कर रहा है।

इसके मुताबिक, काटसा प्रतिबंध का मकसद रूस के रक्षा क्षेत्र में बाहरी मुद्रा को आने से रोकना है। लेकिन यह हमारे रणनीतिक साझीदारों की सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं है। साथ ही यह हर सौदे पर प्रतिबंध लगाने के लिए नहीं है। सौदों के मुताबिक इसका फैसला किया जाता है। इसमें छूट देने की भी व्यवस्था है। इस मामले में भी छूट देने पर विचार किया जाएगा।

भारत से जीएसटी लागू करने के गुर सीखेगा रूस-

देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के सफल क्रियान्वयन से प्रभावित रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में इस नई टैक्स व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। पुतिन ने मोदी को बताया कि रूस भी जीएसटी व्यवस्था अपनाने में उत्सुक है। एक अधिकारी के मुताबिक बैठक में रूसी राष्ट्रपति यह जानने को उत्सुक थे कि हमने किस तरह जीएसटी लागू किया। गौरतलब है कि भारत ने पिछले वर्ष पहली जुलाई को जीएसटी व्यवस्था अपनाई थी।

दिल्ली ने मास्को के साथ किया ट्विन सिटी समझौता-

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को पर्यावरण, संस्कृति और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में तीन साल तक सहयोग के लिए मास्को की सरकार के साथ ट्विन सिटी समझौते पर हस्ताक्षर किए। आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस समझौते पर मास्को शहर की सरकार के मंत्री और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रमुख सर्गे चेरेमिन और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हस्ताक्षर किए।

एक नवंबर से प्रभावी होने वाले इस समझौते के तहत दोनों ने पर्यावरण संरक्षण एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण, संस्कृति एवं पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेलकूद, परिवहन प्रबंधन और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति व्यक्त की। इस समझौते से दोनों शहरों के बीच दोस्ती और सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही दोनों सरकारों के बीच नियमित संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा।