ये ‘सात हिंदुस्‍तानी’ लड़ रहे अनोखी जंग, लोग कर रहे जज्‍बे काे सलाम

अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी शायद ही आपको याद हो। यह फिल्म सात भारतीयों की थी, जिन्होंने गोवा की आजादी के लिए संघर्ष किया था। जालंधर के सात दोस्त भी एक जंग लड़ रहे हैं आैर य‍ह है जंग है भूख के खिलाफ। इनकी सोच है कि कोई भूखा पेट न सोए और कोई बिना कपड़ों के न रहे। इसके लिए इन्होंने ‘दसवंध’ नामक एनजीओ बनाया है। इन ‘सात हिंदुस्‍तानी’ में चार डॉक्‍टर हैं।

ये सात दोस्त हैं कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. इंद्रदीप सिंह प्रधान, आयुर्वेद चिकित्‍सक डॉ. अभिनव मेहता, डाइटीशियन हरविंदर सिंह सचिव, डॉ. मनिंदर कौर, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. ईशा मेहता, प्रमोद और पायल। इनमें से चार डॉक्टर हैं। ‘दसवंध’ हर शाम जरूरतमंद लोगों को मात्र 10 रुपये में देसी घी से तैयार पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवा रही है। अर्बन एस्टेट फेस-1 में गुरुद्वारा साहिब के सामने दसवंध की रसोई में रोजाना शाम सात से आठ बजे तक जरूरतमंदों को खाना खिलाया जाता है।

1 सितंबर से शुरू हुई इस रसोई में रोजाना 250 से 300 लोग खाना खाते हैं। एनजीओ में डॉक्टर और पढ़े-लिखे सदस्य शामिल होने के चलते खाना बनाते समय हाइजीन का खास ख्याल रखा जाता है। इसके लिए स्थायी कुक भी रखे गए हैं। थाली में देसी घी से बनी सब्जी, देसी घी की छौंक दाल, रोटी़, चावल और अचार दिया जाता है।