भारत को मिला बड़ा ‘रक्षाकवच’, 400KM दूर ही मार गिराएगा दुश्मन की मिसाइल

भारत और रूस के बीच बहुप्रतिक्षित S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील पर हस्ताक्षर हो गए हैं. इस डील के तहत भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के 5 सेट खरीदेगा. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय वार्ता के बाद नई दिल्ली में इस डील पर हस्ताक्षर किए गए.

एस-400 और थाड दोनों एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली हैं लेकिन दोनों की मारक क्षमता में काफी अंतर है. S-400 300 किलोमीटर की रेंज तक मार कर सकता है. यह ‘फायर एंड फॉरगेट’ की नीति पर काम करता है. S-400 जहां कई स्तर के डिफेंस सिस्टम पर काम करता है, तो थाड सिंगल लेयर डिफेंस प्रणाली है. 

थाड जहां 3 हजार मीटर प्रति सेकेंड की गति से आते खतरों को भेद सकता है, तो S-400 4,800 मीटर प्रति सेकेंड वाले टारगेट को आसानी से तबाह कर सकता है. S-400 ट्रंफ मिसाइल एक साथ 100 हवाई खतरों को भांप सकता है और अमेरिका निर्मित एफ-35 जैसे 6 लड़ाकू विमानों को एक साथ दाग सकता है. 

S-400 लगभग 400 किमी के दायरे में किसी भी विमान, मिसाइल और ड्रोन को नष्ट कर सकता है. इसकी मारक क्षमता अचूक है क्योंकि यह एक साथ तीन दिशाओं में मिसाइल दाग सकता है. जबकि अमेरिकी थाड ऐसा एंटी मिसाइल सिस्टम है जो खतरे को भेदने से ज्यादा अपने लड़ाकू विमानों की सुरक्षा में ज्यादा प्रयोग होता है.

अमेरिकी थाड डिफेंस सिस्टम कोई विस्फोटक वॉरहेड रॉकेट नहीं है. दरअसल थाड टारगेट को निशाना बनाता है न कि उसमें विस्फोट कर उसे तबाह करता है. जबकि S-400 के जरिए एक साथ तीन मिसाइल छोड़ी जा सकती है. एक चरण में कुल 72 मिसाइलें शामिल रहती हैं. यह एक साथ कई लक्ष्यों पर वार कर सकता है. 

S-400 एक साथ 36 जगहों पर निशाना लगा सकता है. इसके अलावा इसमें स्टैंड-ऑफ जैमर एयरक्राफ्ट, एयरबोर्न वॉर्निंग और कंट्रोल सिस्टम एयरक्राफ्ट है. यह बैलिस्टिक और क्रूज दोनों मिसाइलों को बीच में ही नष्ट कर सकता है, जबकि थाड में एक ही प्रकार का मिसाइल सिस्टम होता है जो किसी एक दिशा में निशाना साधता है.