पंजाब के खिलाडियों को मिलेगी पेंसन और पुरस्कार की राशी भी बढाई गयी…

लंबे अरसे से हरियाणा की तरह पुरस्‍कार व सुविधाओं की मांग कर रहे खिलाडियों की अाखिरकार कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार ने सुन ली। पंजाब कैबिनेट ने नई खेल नीति लागू करने के फैसला किया है और इसके साथ ही राज्य के खिलाडियों की बल्‍ले-बल्‍ले हो गई है। सरकार ने पदक जीतने वाले खिलाडियों की पुरस्‍कार राश्‍ाि में भारी वृद्धि कर दी है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विजेता रहे खिलाडिय़ों के लिए सरकार ने पेंशन योजना शुरू करने का फैसला भी किया है। खेल कोटे अधीन भर्ती करने के लिए अलग दिशा-निर्देश तैयार करने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपा गया है।

पंजाब की नई खेल नीति में पुरस्‍कार राशि में भारी वृद्धि, खेल कोटे से नौकरी के लिए बनेंगे अलग दिशा निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी नौकरियों के साथ-साथ बोर्डों, निगमों, सहकारी, संवैधानिक संस्थाओं और स्थानीय अथॉरिटी में पंजाब के निवासी खिलाडिय़ों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। यह उन खिलाडियों को मिलेगा जो राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर नुमायंदगी करेंगे।

नए अौर पुराने पुरस्‍कार रा‍‍शियां-

 

 

इनको भी मिलेगी पुरस्‍कार राशि

ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट /चैंपियनशिप, राष्ट्रीय स्कूल खेल /खेलो इंडिया स्कूल खेल और राष्ट्रीय महिला खेल मेले/राष्ट्रीय स्तर के खेलो इंडिया टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को 50 हज़ार रुपये, रजत प्रदक विजेताओं को 30 हज़ार रुपये और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाडि़यों को 20 हजार रुपये का नगद पुरस्‍कार दिया जाएगा। इसी तरह राष्ट्रीय खेल संस्थाओं की तरफ से साल में एक बार करवाई जाने वाली सीनियर नेशनल चैंपियनशिपों में स्वर्ण पदक विजेताओं को 40 हजार रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 हजार रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 15 हजार रुपये का नगद इनाम दिया जायेगा।

अंतरराष्‍ट्रीय प्रतियोगि‍ताओं के पदक विजेता पूर्व खिलाडियों को मिलेगी पेंशन

सरकार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और चैंपियनशिपों में पदक जीतने वाले पूर्व खिलाडिय़ों को पेंशन भी देगी। यह पेंशन 40 साल की उम्र पूरी कर चुके उन खिलाडिय़ों को मिलेगी जो सरकारी कर्मचारी नहीं होंगे या जिनकी सालाना आय छह लाख रुपये से अधिक नहीं होगी। यह पेंशन केंद्र सरकार या किसी अन्य एजेंसी द्वारा मुहैया करवाई जा रही खेल पेंशन से अलग होगी।

किसी भी सरकार द्वारा सेवामुक्त सरकारी मुलाजिम के तौर पर पेंशन लेने वाले इसके लिए योग्य नहीं होंगे। ओलपिक में पदक विजेता खिलाड़ी को 15 हजार रुपये प्रति महीना व एशियाई व कॉमनवेल्थ खेल के पदक विजेता को 7500 रुपये प्रति महीना पेंशन मिलेगी।  राष्ट्रीय खेल में पदक विजेताओं को पेंशन के रूप में 5000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह उन खिलाडियों को मिलेगी जिन्होंने पांच राष्ट्रीय खेल में कम से कम दो पदक जीते हैं।

गांवों में विकसति होंगे खेल मैदान

नई नीति के तहत हरेक ब्लॉक में एक गांव में एक खेल मैदान जरूर विकसित जाएगा। पंजाब में खेल के बढिय़ा बुनियादी ढांचे को स्थापित करने और सुधारने के लिए प्राईवेट हिस्सेदारी को उत्साहित करने के अलावा प्रवासी भारतीयों को भी आकर्षित किया जाएगा।

कैबिनेट की बैठक में कहा गया कि सरकार खेल में करियर के लिए महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड और वजीफा और पेंशन स्कीम के तहत पदक विजेताओं को वित्तीय सहायता मुहैया करवाएगी। खिलाडिय़ों को रोजग़ार सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी। अलग -अलग कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में दाखि़ले में आरक्षण, वित्तीय रियायतें, प्रशिक्षण के द्वारा प्रशिक्षक और विभागीय अधिकारियों के रूप में मानवीय साधनों को विकसित करना इस नीति का मकसद है।

महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड

महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड राज्य और देश के लिए पदक हासिल करके नाम रोशन करने वाले खिलाडिय़ों को मान-समान के तौर पर दिया जाता है। नईनीति के अंतर्गत २० खिलाडिय़ों और एक दिव्‍यांग खिलाड़ी का चयन हरेक वर्ष किया जाएगा। इनमें वे खिलाड़ी शामिल होंगे जिन्होंने पदक जीते और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है और दिशा -निर्देशों के मुताबिक जिनका 100 अंक का ग्रेड है।

इससे पद्मश्री, अर्जुन और राजीव गांधी खेल रत्न प्राप्त सभी अवार्डी जो पंजाब के खिलाड़ी हैं, चुने गए २० खिलाडिय़ों के अलावा ख़ुद -ब -ख़ुद इस अवार्ड के लिए योग्य हो जाएंगे। महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड को एक ट्राफी, ब्लेजर के साथ पांच लाख रुपये का नगद इनाम मिलेगा। यह अवार्ड विेजेता पांच सालों के लिए इलाज के लिए एक लाख रुपये प्रति साल के स्वास्थ्य बीमा कवर का हकदार भी होगा।

कोचाें के लिए भी इनामी राश्‍ाि

प्रशिक्षकों को प्रेरित करने के लिए ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिपों, एशियन और कॉमनवेल्थ खेल में पदक विजेता खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने वालों को भी नगद इनाम दिया जायेगा। जो प्रशिक्षक कम से -कम एक साल खिलाड़ी को प्रशिक्षण देंगे और जिन प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ी मेडल जीतेंगे उनको खिल‍ाडियाें को मिलने वाले नगद पुरस्‍कार के 40 प्रतिशत के बराबर नगद इनाम दिया जाएगा।

इसके साथ ही टीम मुकाबलों के अलावा एक से अधिक पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षक हरेक अतिरिक्त मेडल के लिए खिलाडियों को मिलने वाले  नगद इनाम के 20 प्रतिशत की बराबर राशि के हकदार होंगे। टीम मुकाबलों में भी प्रशिक्षक उसी राशि के नगद इनाम के हकदार होंगे जिसके लिए किसी टीम का एक खिलाड़ी हकदार होगा।