हत्यारों का साथ ना दें पुलिस, विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने की गुजारिश…

एपल से एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों से बेहद मार्मिक अपील की है। विवेक तिवारी की हत्या के मामले में प्रदेश पुलिस के कुछ सिपाहियों के इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी तथा संदीप कुमार के पक्ष में लामबंद होते देख स्वर्गीय विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने हत्यारों का साथ न देने की अपील की है। 

सोशल मीडिया पर हत्यारोपित सिपाहियों को ब्रेवरी अवार्ड की मांग करने की मुहिम चलाने और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने नाराजगी जताई है। कल्पना ने कहा कि हत्यारों ब्रेवरी अवार्ड की मांग करने वाले पुलिस कर्मियों को शर्म आनी चाहिए। सिपाही प्रशांत और संदीप ने तो मेरी दुनिया ही उजाड़ दी। कहां हैं पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी। उन्हें तो इस मामले में हत्यारोपियों की खाते में रुपये ट्रांसफर करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए। 

लखनऊ में 28 सितंबर की देर रात विवेक तिवारी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपित सिपाही प्रशांत चौधरी के साथ उसका सहयोगी संदीप कुमार जेल में बंद है। लखनऊ के विवेक तिवारी हत्याकांड में आज उनकी सहयोगी सना खान मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करवाएंगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाहियों ने आरोपी सिपाही प्रशांत के समर्थन में मुहिम चलाने का फैसला किया है। जिसका विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने विरोध किया है।

सिपाहियों की इस मुहिम पर कल्पना तिवारी ने कहा कि आरोपी को समर्थन देने से पहले सिपाहियों को दिल पर हाथ रख सोचना चाहिए कि पीडि़त कौन है। उन्होंने कहा कि यह भी देखें कि अन्याय किसके साथ हुआ है और बेसहारा कौन है।

 

आरोपी सिपाही के समर्थन में सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाया जा रहा है। कल्पना तिवारी ने कहा कि इस तरह की मुहिम को तुरंत रोकना चाहिए। कल्पना तिवारी ने विवेक तिवारी की सहकर्मी सना खान के सुर से सुर मिलाते हुए कहा कि सना खान ने पुलिसवालों को वही बताया था जो उसने पहले दिन मुझे बताया। उनकी बातों में कोई अंतर नहीं था, सना भी मेरी तरह विवेक तिवारी के लिए न्याय चाहती हैं इसलिए हम दोनों की न्याय की लड़ाई को लेकर एक राय है।

कल्पना तिवारी ने कहा कि पहले तो अधिकारी ही आरोपितों को बचाने में लगे रहे। इसके बाद सूबे में सिपाही एसोसिएशन हत्यारोपित सिपाहियों को बचाने की मुहिम चलाकर सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रही है। कल्पना ने कहा कि उनके पति किसी भी हालत में कार में थे। यह उनका पर्सनल मामला है। अगर पति की गलती थी तो वह उन्हें थाने ले जाते। कार्रवाई करते, परिवारीजनों को बुलाते। पति कोई अपराधी नहीं थे।

सिपाही प्रशांत ने गोली मार कर उनकी नृशंस हत्या कर दी। हत्यारे हैं प्रशांत और संदीप, यह बात क्यों नहीं लोगों को समझ आती। उन्होंने सीधे एक निहत्थे और बिना किसी अपराध के निर्दोष व्यक्ति हत्या कर दी है। जिससे दो बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया। वृद्ध मां का सहारा छिन गया। मेरी मांग उजड़ गई।

यूपी पुलिस राज्य कर्मचारी विभाग के महासचिव अविनाश पाठक ने कहा कि पांच अक्टूबर से पुलिसकर्मी काला बिल्ला या काली पट्टी लगाएंगे। छह को को इलाहाबाद में मीटिंग बुलाई गई है। उसके बाद आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। उनका कहना है कि सभी सिपाही आरोपी सिपाही की बिना जांच के बर्खास्तगी और जेल भेजे जाने के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं।

पांच अक्टूबर को यूपी पुलिस के कई सिपाही काला दिवस मना रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी तरह के वीडियो और पोस्टर वायरल हो रहे हैं। इनकी पुष्टि नहीं की गई है।