
मध्य प्रदेश के दौरे से लौटे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आते ही विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर ही आपराधिक केस हैं तो प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आप किसलिए सरकार में हो, क्या लोगों को गोली मारने के लिए?
अखिलेश ने सोमवार को विवेक के घर जाकर उनकी पत्नी और बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान पत्रकारों से उन्होंने कहा कि ये दर्दनाक घटना है, यह पहली बार नहीं है कि पुलिस पर उंगली उठी है। याद कीजिए उस सुमित गुर्जर की घटना को लेकर पूरा पश्चिमी उप्र आंदोलन कर रहा था। सजा तो लोकतंत्र में एक ही है सरकार हटे। आप क्या लोगों को मारने के लिए सरकार में हैं। यह सरकार भय पैदा करने का काम कर रही है। अखिलेश ने कहा कि पूरा मामला सरकार छिपा रही है, पुलिस छिपा रही ह, और पुलिस क्यों छिपा रही है, कम से कम सच्चाई तो सामने आए। सरकार के लोग बता सकते हैं कि सना को नजरबंद क्यों किया गया है?
इससे पहले पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विधानसभा में सीएम ही डरावने शब्दों का प्रयोग करेंगे तो पुलिस आम लोगों पर गोली चलाएगी ही। राज्य में यह कोई पहली घटना नहीं है। इसी तरह नोएडा में एक कार्यक्रम से लौट रहे जितेंद्र यादव को पुलिस ने गोली मारकर उसका जीवन बर्बाद कर दिया। आज वह कुछ कर नहीं सकता। अलीगढ़ में पुलिस ने निर्दोषों का एनकाउंटर किया। अखिलेश ने कहा कि एनकाउंटर को लेकर मानवाधिकार आयोग से जितनी नोटिस भाजपा सरकार को मिली है, उतनी किसी सरकार को नहीं मिली है।
ब्राह्मणों पर हो रहा ज्यादा अत्याचार : मायावती
लखनऊ : विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर गरमाई सियासत में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के बाद बहुजन समाज पार्टी मुखिया मायावती ने भी विवादित बयान दे माहौल को चुनावी रंग देने की कोशिश की है। जातिवाद का दांव चलते हुए मायावती ने इस घटना को ब्राह्मण समाज से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन काल में ब्राह्मणों पर कुछ ज्यादा ही अन्याय व अत्याचार हो रहा है।