लोकसभा चुनाव से पहले ही पार्टी के दो फाड़, टुकड़ो में बटी कांग्रेस

कानपुर : कानपुर में टुकड़े-टुकड़े बंट चुकी कांग्रेस की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अब तक गुटबाजी खामोशी से चल रही थी, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले ही पार्टी स्पष्ट रूप से दो फाड़ हो गई। नाराज वरिष्ठ कांग्रेसियों का एक गुट मुखर होकर महानगर संगठन के विरोध में खड़ा हो गया। तानाशाही के आरोप लगाते हुए हाईकमान से हस्तक्षेप की मांग कर डाली। 

रविवार को चिंतन बैठक के नाम पर हुई इस बैठक ने कांग्रेस के लिए परिस्थितियां और भी चिंताजनक कर दी हैं। अलग-अलग कारणों से नाराज चल रहे कांग्रेसियों का जमावड़ा रविवार शाम पांच बजे धनकुट्टी धर्मशाला में हुआ। इन रूठों की अगुआई वरिष्ठ नेता पवन गुप्ता ने की। काग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मदन मोहन शुक्ला ने अध्यक्षता की। 

पूर्व पार्षद अतुल त्रिपाठी, आरती दीक्षित, अम्बरीष सिंह गौड़ ने अपने-अपने शब्दों में महानगर संगठन पर तानाशाही के आरोप लगाए। कहा कि आम काग्रेसी संगठन से दूरी बना रहा है। वरिष्ठ कांग्रेसियों का अपमान किया जा रहा है। राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व को अब हस्तक्षेप करना चाहिए। 

खुद ‘सेफ जोन’ में रहे वरिष्ठ नेता
बैठक का मकसद ही महानगर संगठन के खिलाफ मुखरता दिखाने का था। कार्यकर्ता उसी लाइन पर खरा-खरा बोले भी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं ने खुद को इस तरह की भाषा से दूर रखा, ताकि ‘सेफ जोन’ में बने रहें। संयोजक व संचालन कर रहे पूर्व महापौर प्रत्यशी पवन गुप्ता बोले कि इस वक्त कानपुर में व्यापारियों, महिलाओं, अनुसूचित जातियों, पिछड़ों की समस्याओं को सड़क पर उतरकर उठाने की जरूरत है। 

राहुल गाधी ही देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे और वे ही देश को वापस मजबूती से खड़ा करेंगे। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी देवी तिवारी ने कहा कि इस वक्त आम काग्रेसी को जोड़कर चलने की जरूरत है, वरना लोकसभा चुनाव में काग्रेस को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके बाद दिवंगत नेता पूर्व महानगर अध्यक्ष महेश दीक्षित, प्रेमशकर शर्मा, जय शकर गुप्ता और उपाध्यक्ष जगदीश मिश्रा के लिए मौन रख श्रद्धाजलि भी अर्पित की गई। 

यह भी रहे मौजूद
वरिष्ठ कांग्रेसी अब्दुल मन्नान, पूर्व युवक काग्रेस अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, पीएस बाजपेयी, वीरेंद्र दुबे, विजय त्रिपाठी, वीरेंद्र चतुर्वेदी, दिनेश बाजपेयी, धनीराम पैंथर, चंद्रशेखर सोनकर, विनय जैसवाल, विमला कश्यप, आरती दीक्षित, नीलम चौरसिया आदि। 

महानगर अध्यक्ष ने कहा
‘हमारी पार्टी बड़े परिवार की तरह है। हो सकता है कि कुछ सदस्य नाराज हों। हमारे लिए संगठन सर्वोपरि है, इसलिए उनसे बात की जाएगी। मगर, पार्टी के हर सदस्य के मनमाफिक काम कर उन्हें संतुष्ट करना संभव नहीं है।