सिद्धू का बड़ा बयान, कहा- अफीम की खेती हो वैध, आप के बागी सांसद का किया समर्थन

चंडीगढ़। पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने किसानों के लिए अफीम की खेती वैध करने की मांग का समर्थन किया है। यह मांग आम आदमी पार्टी कें निलंबित सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी कर रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि अफीम का दवा के रूप में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। चिट्टे (ड्रग) पर लगाम में यह कारगर साबित होगा। मेडिकल नशे ने पंजाब के युवाओं को बर्बाद कर दिया है।

कहा- प्रकाश सिंह बादल धृतराष्ट्र और सुखबीर बादल दुर्योधन

इससे पहलेे सिद्धू ने रविवार को लुधियाना में पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर जमकर हमले किए। सिद्धू ने प्रकाश सिंह बादल को कलियुग का धृतराष्ट्र और सुखबीर बादल को दुर्योधन बताया। सिद्धू ने कहा कि जिस तरह धृतराष्ट्र की आंखें नहीं थी और उसे सिर्फ दुर्योधन दिखता था, उसी तरह प्रकाश सिंह बादल को सिर्फ सुखबीर दिखता है। बाकी टकसाली अकालियों को उन्होंने किनारे कर दिया है। इसका नतीजा है कि सुखदेव सिंह ढींडसा जैसे टकसाली नेताओं को अकाली दल के सभी पदों से इस्तीफा देना पड़ा।

उन्होंने कहा कि जनता के साथ-साथ अकाली दल अब अपनों का विश्वास खोता जा रहा है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि टकसाली नेताओं ने अकाली दल में विरोध के सुर उजागर किए हों। इससे पहले भी गुरचरण सिंह टोहड़ा ने भी प्रकाश सिंह बादल की कारगुजारी से नाराज होकर अलग रास्ता अपना लिया था।

उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल ने अकाली दल को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना दिया है। अब तो अकाली दल के अंदर भी विरोध होने लगा है। जिन लोगों का जमीर है वह बादलों और बिक्रम सिंह मजीठिया का विरोध करना शुरू करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा से भी लोग दुखी हैं और 2019 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

पेट्रोलियम को जीएसटी के दायरे में लाए सरकार

डीजल व पेट्रोल की लगातार बढ़ रही कीमतों के लिए सिद्धू ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बार-बार वन नेशन वन टैक्स की बात कर रही थी तो अब सरकार पेट्रोलियम पदार्थों को क्यों नहीं जीएसटी के दायरे में लाती। उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार ने पेट्रोल की कीमतों को 80 रुपये से पार नहीं जाने दिया। मोदी सरकार को किसान विरोधी है।

धर्मवीर गांधी ने कहा, किसानी और जवानी को बचाने के लिए अफीम की खेती जरूरी

बता दें कि धर्मवीर गांधी ने दो दिन पहले श्री मुक्तसर साहिब आयोजित रैली में कहा था कि किसानी और जवानी को बचाने के लिए अफीम की खेती जरूरी है। ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले कुछ ही समय में पंजाब बर्बाद हो जाएगा। सरकारों ने पंजाब को मौत का कुआं बनाकर रख दिया है। पंजाब को बचाने के लिए गेहूं के साथ ही खसखस (अफीम का बीज) की भी बिजाई शुरू करेंगे। फिर भले कैप्टन आ जाएं या कोई और वह नहीं रुकेंगे।

गांधी ने कहा कि 15 साल से पंजाब में करीब-करीब हर घर से मां की चीखें आ रही हैं, जिनके बच्चे मेडिकल नशे ने छीन लिए हैं। पुलिस ने पहले आतंकवाद के नाम पर लोगों को लूटा और अब एनडीपीएस एक्ट आ गया है। इससे पुलिस खूब कमाई कर रही है। 25 हजार युवक इन्हीं केसों में जेल में बंद हैं। अफीम खाने वालों को अपराधी कहा जा रहा है। वह अपराधी नहीं बीमार हैं। अब नेताओं ने इसे बिजनेस बना लिया है। मेडिकल नशा बेचकर अरबों रुपये कमा रहे हैं। नशा खत्म करने की अकालियों और कांग्रेसियों की नीयत नहीं है। वे शवों पर राजनीति कर रहे हैं।

सांसद गांधी ने स्टेज से खसखस के बीज जमीन पर फेंके। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले अफीम की खेती की मंजूरी लेकर रहेंगे। अकाली और कांग्रेसी उनकी बात से सहमत हैं, लेकिन कुछ वे कुछ बोल नहीं सकते।