
दोस्त आज हम आपको कुछ बुनियादी सच पर चर्चा करने के इरादे से हम लव मैरिज के बिन्दु पर बात कर रहे है। जब भी किसी से यह जाने कि लव मैरिज या अरैन्ज मैरिज मे से लव मैरेज ही क्यों असफल होती है। ऐसा क्यों होने लग जाता है।

शुरूआत में तो एक दूसरा का बहुत ख्याल रखा जाता है।अगर एक ने कहा की आज उतने टाइम पर फिल्म देखने चलना है। तो दूसरा टाइम से आ जायेगा चाहे उसके लिए अपने घर में कितना भी झूठ बोलना पड़े या फिर अपना कोई भी जरुरी काम छोड़ना पड़ा हो लेकिन टाइम पर पहुच जायेंगे । एक दुसरे की फिक्र अपने से भी ज्यादा करेंगे , अगर एक दुसरे के कार्य में कोई समस्या हो तो एक दूजे की की सहायता भी की जायेगी अपना काम ख़राब कर लेंगे लेकिन अपने पार्टनर का नही करेंगे। चाहे इसके लिए उनको दुगनी कीमत क्यों ना देनी पड़े।अपने मोबाइल में रिचार्च नही करेंगे लेकिन अपने पार्टनर का रिचार्ज अवश्य करेंगे कोई भी फंक्शन हो एक दुसरे को GIFT देंगे कहने का मतलब यह की एक जिस्म और दो जान वाली कहावत सिद्ध करने की कोशिश होती है।
लेकिन शादी से पहले लड़की और लड़का एक दुसरे को समझाते है। की तुम को मेरे घर वालो से तालमेल बैठने है। और एक दुसरे से सहमत होते है। जबकि चाहे एक दुसरे के घर वाले का स्वभाव कैसा भी उसके बारे नही सोचते है। लेकिन उस टाइम उनको सिर्फ शादी करनी है। तो इस बात पर गहराई से नही सोचते है। लेकिन जब शादी के बाद घर वालो से सामना होता है। तो स्वभाव के विपरीत इन्सान मिलने पर तालमेल नही हो पता है। तो फिर एक दुसरे के घर वाले में दोष को बाधा चढ़ा कर देखा जाता है।तो फिर घर के अन्दर सम्बन्ध टूटने की स्थिति होने लग जाती है