
स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर नए विवाद में घिरने लगे हैं। चंद्राकर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र में रामकथा व भागवत कथाओं का आयोजन सरकारी खर्च से करने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस इसे मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही। चूंकि कांग्रेस ने साफ्ट हिंदुत्व की नीति अपनाई है ऐसे में कथा पर कोई सवाल न उठाकर शासकीय धन के दुरुपयोग पर सवाल किए जा रहे हैं।
उसकी मांग है कि क्यों ने ऐसा आयोजन पूरे प्रदेश में करा देते। पार्टी प्रदेश संयुक्त सचिव जागेश्वर राजपूत ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत यह जानकारी हासिल की थी। इसमें दो बड़े धार्मिक आयोजन मंत्री चंद्राकर के विधानसभा क्षेत्र कुरुद में वर्ष 2016 व 2017 में कराए गए। इसका खर्च संस्कृति विभाग के खाते में दिया गया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, संस्कृति मंत्री दयालदास बघेल और संस्कृति सचिव को पत्र लिखकर किया गया है।
सरकारी खजाने से किया सवा करोड़ से अधिक भुगतान
भागवत किशन फाउंडेशन, वृंदावन को कथा पर 14 लाख का भुगतान।
श्रीराम कथा समिति मथुरा को कथा पर 17.50 लाख रुपए का भुगतान।
स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती वृंदावन को कथा पर 49.24 लाख।
ग्राम बड़ीकरेली व जीजमगांव में भागवत पर 18.67 लाख दिये।
नरी व भखारा में भागवत कथा पर 18.71 लाख का भुगतान हुआ।
कोर्रा में भागवत कथा पर 9.31 लाख के भुगतान की स्वीकृति।