
छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर अभी से राज्यभर के लाइसेंसी हथियारों को पुलिस थानों में जमा करने का अभियान पुलिस ने चला रखा है। दरअसल पुलिस मुख्यालय ने चुनाव के दौरान हिंसक वारदात होने की आशंका में 27 जिलों को अलर्ट कर रखा है। पुलिस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द अवैध हथियार बने हुए हैं। लिहाजा मुखबिरों को हथियार खरीद-बिक्री करने वालों की निगरानी में लगाया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में 12 हजार 242 लाइसेंसी हथियार हैं। इनमें से अभी तक 8 हजार 234 हजार हथियार पुलिस थानों में जमा हो पाए हैं।
चार हजार लाइसेंसी हथियारों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। लाइसेंसियों की तलाश करने पुलिस के खुफिया तंत्र की मदद ली जा रही है. अवैध हथियारों को लेकर पुलिस महकमा तनाव में है। उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि चुनाव के दौरान को बड़ी घटना या दहशत का माहौल न बने। इसी के चलते पुलिस ऐसे बदमाशों पर नजर रख रही हैं, जिनसे पूर्व में अवैध हथियार बरामद हो चुके हैं। धारदार हथियारों से जानवेला हमला करने के प्रकरण तो आए दिन दर्ज हो रहे हैं। हथियार लेकर घूमते हुए कई बदमाश पहले पकड़े भी गए हैं। गुरुवार को ही आजादचौक इलाके में लोड पिस्तौल के साथ निगरानी बदमाश पकड़ा गया।
रायपुर में आधे हथियार भी नहीं हुए जमा
रायपुर जिले में सबसे अधिक 1729 लायसेंसी हथियार हैं। इनमें से 760 हथियार अब तक थानों में जमा किए जा सके हैं। यानी आधे हथियार जमा नहीं हो पाए। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। कारण यह है कि हथियार जमा कराने पहुंचने वाले लाइसेंसियों को कागजी कार्रवाई के लिए काफी देर तक परेशान होना पड़ता है। कई बार लोग हथियार लिए खड़े रहते हैं और पुलिसकर्मी अन्य कार्य में लगे रहते हैं।
109 अपराधियों को जिलाबदर करने की तैयारी
प्रदेशभर में 109 अपराधियों को जिलाबदर करने का प्रस्ताव कलेक्टरों को भेजा गया है। इनमें सबसे अधिक 24 बदमाश जांजगीर-चांपा जिले के हैं। रायपुर के 10, बलौदाबाजार के 13, दुर्ग के 12, राजनांदगांव के 10, जशपुर के 14 अपराधी शामिल है। अन्य जिलों में एक से लेकर सात अपराधियों के नाम प्रस्तावित हैं।
रायपुर के बाद दुर्ग में सबसे अधिक हथियार
रायपुर के बाद दुर्ग जिले में सर्वाधिक 1041 लाइसेंसी हथियार हैं। तीसरे स्थान पर बिलासपुर जिला है, जहां 853 हथियार और चौथे स्थान पर जशपुर जिला है, जहां 707 लाइसेंसी हथियार हैं।