
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और सपा के गठबंधन के बारे में कहा कि एक विचारधारा के लोग कैसे साथ आएं इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस की है. अखिलेश यादव ने शनिवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर शहडोल में प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर यह बात कही.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सपा और गोडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) मध्य प्रदेश में मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेगें. पिछले चुनाव में जिन इलाकों में सपा का वोट अच्छा रहा है, वहां सपा लड़ेगी.
गठबंधन को लेकर विपक्षी खेमा एक होता नहीं दिख रहा है. बीएसपी प्रमुख मायावती ने पहले ही मध्य प्रदेश में अलग से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं. राष्ट्रीय स्तर पर भी तमाम कोशिशों के बावजूद विपक्षी खेमा एकजुट होने को तैयार होता नहीं दिख रहा है.
गठबंधन को तैयार कांग्रेस
इस बीच कांग्रेस की ओर से यह जरूर कहा गया है कि पार्टी 2019 के आम चुनावों के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करेगी और सत्ता में लौटेगी. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी विचारधारा और मूल्यों से समझौता नहीं करेगी.
पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता चतुर्वेदी ने कहा, हम सिर्फ गठबंधन करने के लिए अपनी विचारधारा और मूल्यों के साथ समझौता करने के लिए बाध्य नहीं हैं. हम सभी विपक्षी राजनीतिक दलों से संपर्क करेंगे, हमारी और उनकी समझ के आधार पर गठबंधन बनाया जाएगा.
बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिए इसी साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव होने हैं. फिलहाल राज्य की ज्यादातर सीटों पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. यहां 2003 से बीजेपी की सरकार है और इससे पहले 10 साल तक कांग्रेस ने राज किया था. 2013 के विधानसभा चुनाव में कुल 230 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने 165 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. कांग्रेस 58 सीटों तक सिमट गई थी. जबकि बसपा ने 4 और अन्य ने 3 सीटों पर जीत हासिल की थी.