विवेक तिवारी की पत्नी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांगा एक करोड़ रुपया और सरकारी नौकरी

पुलिस की गोली का लखनऊ में शिकार बने एपल आइ फोन के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी के साथ ही परिवार के सभी लोग बेहाल है। कल रात की इस घटना के बाद लखनऊ में आज विवेक तिवारी के आवास पर लोगों का जमावड़ा हो गया। इसी दौरान उनकी पत्नी कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक करोड़ रुपया मुआवजा के साथ शैक्षिक योग्यता के अनुरूप नौकरी मांगी है।पुलिस की गोली का लखनऊ में शिकार बने एपल आइ फोन के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी के साथ ही परिवार के सभी लोग बेहाल है। कल रात की इस घटना के बाद लखनऊ में आज विवेक तिवारी के आवास पर लोगों का जमावड़ा हो गया। इसी दौरान उनकी पत्नी कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक करोड़ रुपया मुआवजा के साथ शैक्षिक योग्यता के अनुरूप नौकरी मांगी है।   लखनऊ के आकाशगंगा अपार्टमेंट , न्यू हैदराबाद निवासी विवेक तिवारी को कल देर रात सिपाहियों ने गोली मार दी थी। उनकी मौके पर मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करीब आठ फीट की दूरी से गोली मारने की बात स्पष्ट हुई है। विवेक तिवारी की पत्नी ने कहा कि हम अपने पति का अंतिम संस्कार तबतक नहीं करेंगे, जब तक सीएम योगी हमारे सवालों का जवाब नहीं देते।  मृतक विवेक तिवारी की पत्नी ने अपने पति की हत्या की उच्चस्तरीय जांच की मांग के साथ ही एक करोड़ रुपया और सरकारी नौकरी देने की बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। इसी बीत लखनऊ के डीएम कौशलराज शर्मा तथा एसएसपी कलानिधि नैथानी भी विवेक की पत्नी कल्पना से भेंट करने उनके घर पहुंचे। इस दौरान मीडिया को घर में प्रवेश नहीं दिया गया था।   'गाड़ी न रोकने पर पुलिस ने मारी गोली और मुझे रातभर जीप में घुमाते रहे' यह भी पढ़ें   इससे पहले विवेक की पत्नी ने कहा था कि मेरे पति की हत्या के मामले में लीपापोती हो रही है। भले ही यह कोई एनकाउंटर नहीं है पर मेरी जिंदगी खराब हो गई। मेरे बच्चे पूछेंगे तो मैं जवाब दूंगी। कल्पना ने कहा कि कार में खून बिखरा दिखा था। इस हत्या पर मुझे सीएम योगी आदित्यनाथ से कोई ठोस जवाब चाहिए।   लखनऊ में एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मामले में दो सिपाही बर्खास्त यह भी पढ़ें   विवेक की सास सत्यवती शुक्ला ने बताया कि 2011 में बेटी की शादी की थी। विवेक के ससुरालीजन इलाहाबाद के मूल निवासी हैं। फिलहाल यह लोग रायबरेली में रहते हैं। उनका दामाद विवेक अपने परिवार का कमाऊ बेटा था। विवेक के पिता धर्मराज तिवारी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में शाखा प्रबंधक थे। दस वर्ष पूर्व उनकी मौत हो गई थी। चाचा तिलक राज तिवारी सेवानिवृत्त पुलिस सब इंस्पेक्टर हैं। उनका घर करौंदिया में विवेक के घर के बगल ही है। उन्होंने घटना के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।   शिक्षक लेट आएंगे तो छात्र वाट्सएप पर बताएंगे यह भी पढ़ें   विवेक की मौत के बारे में सुबह करीब छह बजे उनके परिवारीजन को जानकारी मिली। एक रिश्तेदार ने फोन पर बताया कि मार्ग दुर्घटना में विवेक गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है। जब न्यूज चैनल्स पर गोली मारकर हत्या का समाचार प्रसारित होने लगा तो परिवारीजन, पड़ोसी व पैतृक गांव के लोग सन्न रह गए। विवेक की मां अरुणा तिवारी, बड़े भाई राजेश तिवारी रिशतेदारों के साथ सूचना मिलते ही लखनऊ रवाना हो गए। शहर के करौंदिया स्थित आवास पर उनकी भाभी आरती, भतीजे विनीत व पुनीत हैं। छोटे भाई नीरज तिवारी पत्नी व बच्चों के साथ सूरत (गुजरात) में रहते हैं।

लखनऊ के आकाशगंगा अपार्टमेंट , न्यू हैदराबाद निवासी विवेक तिवारी को कल देर रात सिपाहियों ने गोली मार दी थी। उनकी मौके पर मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करीब आठ फीट की दूरी से गोली मारने की बात स्पष्ट हुई है। विवेक तिवारी की पत्नी ने कहा कि हम अपने पति का अंतिम संस्कार तबतक नहीं करेंगे, जब तक सीएम योगी हमारे सवालों का जवाब नहीं देते।

मृतक विवेक तिवारी की पत्नी ने अपने पति की हत्या की उच्चस्तरीय जांच की मांग के साथ ही एक करोड़ रुपया और सरकारी नौकरी देने की बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। इसी बीत लखनऊ के डीएम कौशलराज शर्मा तथा एसएसपी कलानिधि नैथानी भी विवेक की पत्नी कल्पना से भेंट करने उनके घर पहुंचे। इस दौरान मीडिया को घर में प्रवेश नहीं दिया गया था।

इससे पहले विवेक की पत्नी ने कहा था कि मेरे पति की हत्या के मामले में लीपापोती हो रही है। भले ही यह कोई एनकाउंटर नहीं है पर मेरी जिंदगी खराब हो गई। मेरे बच्चे पूछेंगे तो मैं जवाब दूंगी। कल्पना ने कहा कि कार में खून बिखरा दिखा था। इस हत्या पर मुझे सीएम योगी आदित्यनाथ से कोई ठोस जवाब चाहिए।

विवेक की सास सत्यवती शुक्ला ने बताया कि 2011 में बेटी की शादी की थी। विवेक के ससुरालीजन इलाहाबाद के मूल निवासी हैं। फिलहाल यह लोग रायबरेली में रहते हैं। उनका दामाद विवेक अपने परिवार का कमाऊ बेटा था। विवेक के पिता धर्मराज तिवारी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में शाखा प्रबंधक थे। दस वर्ष पूर्व उनकी मौत हो गई थी। चाचा तिलक राज तिवारी सेवानिवृत्त पुलिस सब इंस्पेक्टर हैं। उनका घर करौंदिया में विवेक के घर के बगल ही है। उन्होंने घटना के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विवेक की मौत के बारे में सुबह करीब छह बजे उनके परिवारीजन को जानकारी मिली। एक रिश्तेदार ने फोन पर बताया कि मार्ग दुर्घटना में विवेक गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है। जब न्यूज चैनल्स पर गोली मारकर हत्या का समाचार प्रसारित होने लगा तो परिवारीजन, पड़ोसी व पैतृक गांव के लोग सन्न रह गए। विवेक की मां अरुणा तिवारी, बड़े भाई राजेश तिवारी रिशतेदारों के साथ सूचना मिलते ही लखनऊ रवाना हो गए। शहर के करौंदिया स्थित आवास पर उनकी भाभी आरती, भतीजे विनीत व पुनीत हैं। छोटे भाई नीरज तिवारी पत्नी व बच्चों के साथ सूरत (गुजरात) में रहते हैं।