अगले सत्र से शुरू होगा नया कृषि महाविद्यालय

अटल विकास यात्रा के तहत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शनिवार को पखांजूर पहुंचे। उन्होने यहां श्यामप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए पखांजूर में आगामी सत्र से कृषि महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की। डॉ रमन ने यहां अलग-अलग विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन व नई योजनाओं की आधारशिला रखते हुए लगभग 189 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी।अटल विकास यात्रा के तहत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शनिवार को पखांजूर पहुंचे। उन्होने यहां श्यामप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए पखांजूर में आगामी सत्र से कृषि महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की। डॉ रमन ने यहां अलग-अलग विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन व नई योजनाओं की आधारशिला रखते हुए लगभग 189 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी।  ADVERTISING  inRead invented by Teads नीली क्रांति में देश के अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना है पखांजूर  कहा कि नीली क्रांति में पखांजूर पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। यहां का मछली पालन उद्योग दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन रहा है। यहां जिस तरह से तलाबों का विकास और मछली उत्पादन का विकास हुआ है, वह अपने आप में दूसरों के लिए मॉडल है। यहां लोगों में मछली पालन के द्वारा आत्मनिर्भरता आई है। लोगों की वार्षिक आय बढ़ी है। पूरा पखांजूर इलाका विकास की दृष्टि से आगे बढ़ रहा है।   पत्रकार सुशील पाठक हत्या मामले में रिश्वत के आरोप से सीबीआई अधिकारी दोषमुक्त यह भी पढ़ें  132 केवी विद्युत उप केंद्र का लोकार्पण  विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास के साथ ही डॉ रमन ने यहां नवनिर्मित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण भी किया प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जो माहौल तैयार हुआ वह पूरी तरह विकास का समर्थन करता है। प्रदेश में गांवों से लेकर शहरों तक विकास हो रहा है। पहले न यहां सड़कें थीं, न बिजली थी। छत्तीसगढ़ में सरकार की ओर से विद्युत उत्पादन, वितरण, पारेषण, संधारण में लगातार बेहतर काम हुआ है। फ्लैट रेट पर 12 लाख लोगों को अब बिजली देने की व्यवस्था सरकार ने की है। एक पावर स्टेट के रूप में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अपनी पहचान बनाई है।

नीली क्रांति में देश के अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना है पखांजूर

कहा कि नीली क्रांति में पखांजूर पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। यहां का मछली पालन उद्योग दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन रहा है। यहां जिस तरह से तलाबों का विकास और मछली उत्पादन का विकास हुआ है, वह अपने आप में दूसरों के लिए मॉडल है। यहां लोगों में मछली पालन के द्वारा आत्मनिर्भरता आई है। लोगों की वार्षिक आय बढ़ी है। पूरा पखांजूर इलाका विकास की दृष्टि से आगे बढ़ रहा है।

132 केवी विद्युत उप केंद्र का लोकार्पण

विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास के साथ ही डॉ रमन ने यहां नवनिर्मित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण भी किया प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जो माहौल तैयार हुआ वह पूरी तरह विकास का समर्थन करता है। प्रदेश में गांवों से लेकर शहरों तक विकास हो रहा है। पहले न यहां सड़कें थीं, न बिजली थी। छत्तीसगढ़ में सरकार की ओर से विद्युत उत्पादन, वितरण, पारेषण, संधारण में लगातार बेहतर काम हुआ है। फ्लैट रेट पर 12 लाख लोगों को अब बिजली देने की व्यवस्था सरकार ने की है। एक पावर स्टेट के रूप में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अपनी पहचान बनाई है।