उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा नकलमाफियाओं को नेस्तनाबूद करना है

उत्तर प्रदेश ht के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा आज अलीगढ़ पहुंचे. अलीगढ़ में सर्किट हाउस में शिक्षा अधिकारियों के साथ मीटिंग की. इस दौरान पत्रकार वार्ता में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण है यह है कि माध्यमिक शिक्षा में विज्ञान की किताब के कई लेखक होते थे. जिसके चलते प्रिंटिंग प्रेस का धंधा फलता फूलता था.उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा आज अलीगढ़ पहुंचे. अलीगढ़ में सर्किट हाउस में शिक्षा अधिकारियों के साथ मीटिंग की. इस दौरान पत्रकार वार्ता में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण है यह है कि माध्यमिक शिक्षा में विज्ञान की किताब के कई लेखक होते थे. जिसके चलते प्रिंटिंग प्रेस का धंधा फलता फूलता था. अनियमित पाठ्यक्रमों के चलते व कई लेखकों की पुस्तकें पढ़ने के कारण  65% नंबर ही आते थे. जबकि एनसीईआरटी के माध्यम से पढ़ने वाले विद्यार्थियों के 90 से 95% नंबर आते थे. ऐसी स्थिति में जब यूपी बोर्ड का विद्यार्थी बीए, बीएससी, बीकॉम में एडमिशन के लिए जाता था तो उसका दाखिला नहीं होता था. नौकरियों में भी जब इंटरव्यू होता था तो ऐसे विद्यार्थियों को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी. इस विसंगति को दूर किया गया है. उन्होंने कहा कि अब यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी के पैटर्न पर होगा और जुलाई से शुरू होने वाला सत्र अब एक अप्रैल से शुरू होगा. दूसरे बोर्ड की परीक्षा के सामान ही यूपी बोर्ड का सत्र भी उसी समय शुरू होगा. उन्होंने कहा कि पहले दो से ढाई महीने तक परीक्षा कार्यक्रम चलता था और करीब 500 करोड़ रुपए खर्च होते थे. लेकिन इस बार दुनिया का सबसे बड़ा शैक्षिक बोर्ड की परीक्षा 16 दिन में कराई जाएंगी. नकल पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि साल्वर व लेखक नकल की परीक्षा में उपलब्ध कराए जाते थे. अब काफी कड़ाई हुई है और नकल पर काफी हद तक अंकुश लगाया है. उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में भैंस बांधी जाती थी और बारात घर बना दिए गए थे. ऐसे विद्यालय अब नहीं दिखेंगे. ऐसे जिलों में जाकर विद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है. जहां पढ़ाई नहीं कराई जा रही है. उन विद्यालयों को नोटिस में लिया जा रहा है और जहां पढ़ाई नहीं होगी उन स्कूलों की मान्यता भी रद्द की जा रही है. स्कूलों का शैक्षिक पंचांग जारी किया गया है उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय है कि नकल विहीन परीक्षाएं हो. अगर ब्लैक लिस्टेड सेंटर बनेगा तो अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. परीक्षा के दौरान पुलिस कमरों में नहीं आएगी. कमरों में अब दो दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि जो नकल कराने वाले माफिया हैं उनको हमें नेस्तनाबूद करना है. पूरे देश भर में एनसीआरटी की सबसे सस्ती किताबें यूपी में दी जा रही हैं. पेपर आउट करने वालों को पहले से ही चिन्हित किया जा रहा है और इसके लिए एसटीएफ की भी मदद ली जा रही है. अगर कहीं भी कोई शिकायत आ गई तो हम पहले से ही दूसरे पेपर की तैयारी करके रखेंगे. नकल के होने वाले जितने भी तंत्र हैं उसे खत्म कर रहे हैं.

. अनियमित पाठ्यक्रमों के चलते व कई लेखकों की पुस्तकें पढ़ने के कारण 65% नंबर ही आते थे. जबकि एनसीईआरटी के माध्यम से पढ़ने वाले विद्यार्थियों के 90 से 95% नंबर आते थे. ऐसी स्थिति में जब यूपी बोर्ड का विद्यार्थी बीए, बीएससी, बीकॉम में एडमिशन के लिए जाता था तो उसका दाखिला नहीं होता था. नौकरियों में भी जब इंटरव्यू होता था तो ऐसे विद्यार्थियों को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी. इस विसंगति को दूर किया गया है. उन्होंने कहा कि अब यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी के पैटर्न पर होगा और जुलाई से शुरू होने वाला सत्र अब एक अप्रैल से शुरू होगा. दूसरे बोर्ड की परीक्षा के सामान ही यूपी बोर्ड का सत्र भी उसी समय शुरू होगा. उन्होंने कहा कि पहले दो से ढाई महीने तक परीक्षा कार्यक्रम चलता था

और करीब 500 करोड़ रुपए खर्च होते थे. लेकिन इस बार दुनिया का सबसे बड़ा शैक्षिक बोर्ड की परीक्षा 16 दिन में कराई जाएंगी. नकल पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि साल्वर व लेखक नकल की परीक्षा में उपलब्ध कराए जाते थे. अब काफी कड़ाई हुई है और नकल पर काफी हद तक अंकुश लगाया है. उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में भैंस बांधी जाती थी और बारात घर बना दिए गए थे. ऐसे विद्यालय अब नहीं दिखेंगे. ऐसे जिलों में जाकर विद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है. जहां पढ़ाई नहीं कराई जा रही है. उन विद्यालयों को नोटिस में लिया जा रहा है और जहां पढ़ाई नहीं होगी उन स्कूलों की मान्यता भी रद्द की जा रही है. स्कूलों का शैक्षिक पंचांग जारी किया गया है उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय है कि नकल विहीन परीक्षाएं हो. अगर ब्लैक लिस्टेड सेंटर बनेगा तो अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. परीक्षा के दौरान पुलिस कमरों में नहीं आएगी.

कमरों में अब दो दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि जो नकल कराने वाले माफिया हैं उनको हमें नेस्तनाबूद करना है. पूरे देश भर में एनसीआरटी की सबसे सस्ती किताबें यूपी में दी जा रही हैं. पेपर आउट करने वालों को पहले से ही चिन्हित किया जा रहा है और इसके लिए एसटीएफ की भी मदद ली जा रही है. अगर कहीं भी कोई शिकायत आ गई तो हम पहले से ही दूसरे पेपर की तैयारी करके रखेंगे. नकल के होने वाले जितने भी तंत्र हैं उसे खत्म कर रहे हैं.