
होशियारपुर की रहने वाली और अमृतसर के एक कालेज की लॉ स्टूडेंट विवाहिता ने चंडीगढ़ में तैनात एआइजी रणधीर सिंह उप्पल पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैैं। इस मामले में उसने शिकायत की थी जिसकी जांच चंडीगढ़ की एक आइपीएस अधिकारी कर रही हैैं। यहां लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह के साथ पत्रकारों से बात करते हुए उसने आरोप लगाए अब एआइजी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है। उसे कुत्तों से नोंचवाने की धमकी भी दी जा रही है। युवती के अनुसार उक्त पुलिस अधिकारी उसकी समाज सेविका मां के संपर्क में 2001 से था।
युवती के अनुसार साल 2012 में उसकी शादी हो गई थी और वह 2017 में अमृतसर के एक कालेज से लॉ की पढ़ाई करने लगी। इस दौरान किन्हीं कारणों के चलते उसकी अटेंडेंस शार्ट हो गई तो उसकी मां ने किसी जानकार के जरिए उस समय अमृतसर में तैनात रणधीर सिंह उप्पल से संपर्क कर उसे उप्पल से बात करने को कहा।
जब उसने रणधीर सिंह के समक्ष बात रखी तो उन्होंने कालेज जाकर समस्या का हल करवा दिया। लेकिन, इसके कुछ दिनों बाद ही रणधीर सिंह के मैसेज तथा कॉल्स आनी शुरू हो गई। यह बात उसने अपनी मां को बताई। उसके बाद मां ने रणधीर से बात की तो उसके मैसेज और कॉल आने कम तो हुए लेकिन दौर जारी रहा।
उसके पैरों तले उस समय से जमीन खिसक गई जब रणधीर सिंह ने उसके सामने प्रेम का प्रस्ताव रखा। इसके बारे में किसी को बताने की सूरत में उसके पति व 6 वर्ष के बेटे को जान से मारने तक की धमकियां दीं। रणधीर सिंह उसके बेटे से लेकर पति तथा खुद उसकी लोकेशन लगातार उसके फोन पर मैसेज के साथ भेजकर अपनी ताकत का एहसास करवाने की कोशिश करने लगा।
जुलाई महीने में रणधीर सिंह ने उसके घर गाड़ियां भेजकर उसे धमकाते हुए मिलने की पेशकश की। यह गाड़ियां उसे चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में ले गई। जहां पर शराब के नशे में धुत्त रणधीर सिंह ने उसके साथ दो बाद शारीरिक संबंध बनाए। वहां रात भर रखने के बाद सुबह 6 बजे उसे वापस घर भेज दिया।
इसके कुछ दिनों के बाद उसे फोन पर ‘आई लव यू’ कहने का दबाव बनाने लगा। एक बार फिर से गाड़ियां भेजकर उसे अमृतसर के एक बंद पड़े मकान में बुलाया गया, जहां पर उसके साथ फिर से शारीरिक संबंध बनाए गए। आखिरकार उसने अपनी जुबान खोली तथा इसकी शिकायत पुलिस को की। आइपीएस वीभु राज अब इस मामले की जांच कर रही हैैं।
अब उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका पति भी परेशान हो चुका है और पुलिस अधिकारी के खिलाफ दी गई शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगा है। वहीं इस मौके पर मौजूद विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि खाकी की आड़ में गुंडागर्दी के खिलाफ वह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के समक्ष मामला रखेंगे। यहां से इंसाफ न मिलने की स्थिति में वह हाई कोर्ट में केस फाइल करेंगे।