राज्य मंत्रिपरिषद का फैसला, पुलिस भर्ती की आयु सीमा तीन साल बढ़ी

रायपुर। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में पुलिस भर्ती की आयुसीमा तीन साल बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में हथियारों के साथ सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए इनामी राशि का भी निर्धारण किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक दोपहर 12.30 बजे सीएम डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुई। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह अब तक की सबसे कम समय तक चलने वाली बैठक थी। विभिन्न् विभागों के निज सचिव मंत्रिपरिषद में रखी जाने वाली फाइलें और दस्तावेज कक्ष तक पहुंचाकर लौटे भी नहीं थे कि बैठक खत्म होने की सूचना आ गई। पूर्व निर्धारित दो फैसले पांच मिनट में ले लिए गए।

चुनावी साल में युवाओं को लुभाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छग पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम के 8 (2) के अनुसार सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर के पदों पर भर्ती की अधिकतम आयुसीमा को तीन साल के शिथिल कर दिया गया है।

यह नियम 2018 में होने वाली भर्ती में ही लागू होगा। अब तक पुलिस भर्ती के लिए अधिकतम आयुसीमा 28 साल थी अब यह बढ़कर 31 साल हो गई है। नईदुनिया ने 27 सितंबर के अंक में प्रमुखता से खबर दी थी कि पुलिस भर्ती की आयुसीमा बढ़ेगी। कैबिनेट के फैसले से नईदुनिया की खबर पर मुहर लग गई। इन पदों पर नियुक्ति के लिए अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष आवेदकों के लिए न्यूनतम ऊंचाई और सीने की माप में भी छूट दी गई है।

राकेट लांचर के साथ सरेंडर करने वाले नक्सलियों को मिलेंगे पांच लाख

छत्तीसगढ़ में नक्सल पुनर्वास नीति को और बेहतर किया गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में हथियारों के साथ आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए अनुग्रह राशि में बढ़ोतरी की है। स्पेशल डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी ने कहा-पहले इतने नक्सली न पकड़े जाते थे न आत्म समर्पण करते थे। आजकल रोज ही नक्सली पकड़े जा रहे हैं या समर्पण कर रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि उनके पुनर्वास का उचित इंतजाम किया जाए। सरकार ने रिवार्ड इसलिए बढ़ाया है ताकि समर्पण करने आने वाले नक्सली हथियार लेकर आएं।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नक्सल पुनर्वास नीति को और बेहतर बनाने की मंशा जाहिर की थी। पुलिस विभाग के प्रस्ताव पर गुरूवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी। राज्य सरकार ने 16 नवंबर 2015 को जारी पुनर्वास नीति के आदेश में शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए इनामी राशि का प्रावधान किया है। इसे आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट ने नए अस्त्रों को भी इस सूची में शामिल किया है।

84 एमएम के राकेट लांचर के साथ समर्पण करने पर पांच लाख रुपये अनुग्रह राशि दी जाएगी। त्रिर्ची असाल्ट रायफल पर तीन लाख, इंसास रायफल पर डेढ़ लाख, एक्स 95 असाल्ट रायफल, एमपी 9 टेक्टिकल पर एक लाख, एक्स केलिबर 5.56 एमएम के साथ आत्म समर्पण करने पर 60 हजार रुपये अनुग्रह राशि दी जाएगी। यूबीजीएल अटेचमेंट पर 40 हजार, 315 बोर रायफल पर 30 हजार, ग्लाग पिस्टल 9 एमएम पर 25 हजार, प्रोजेक्टर 13/16, मस्केट रायफल, यूबीजीएल सेल पर दो हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

यह पहले से शामिल है

पुनर्वास नीति में पहले एलएमजी के साथ समर्पण करने पर चार लाख पचास हजार, एके 47 पर तीन लाख, एसएलआर रायफल पर डेढ़ लाख, थ्री नॉट थ्री रायफल पर 75 हजार, 12 बोर बंदूक के लिए 30 हजार, 9 एमएम कार्बाइन के लिए 20 हजार, पिस्टल/ रिवाल्वर पर 20 हजार, 2 इंच मोर्टार पर ढाई लाख, सिंगल शॉट गन पर 30 हजार, वायरलेस सेट पर पांच हजार, रिमोट डिवाइस पर तीन हजार, आइआइडी पर तीन हजार, विस्फोटक पदार्थ पर एक हजार रुपये प्रति किलो, ग्रेनेड, जिलेटिन रॉड पर पांच सौ रुपये व सभी प्रकार के एम्यूनिशन के लिए पांच हजार प्रति एम्यूनिशन का प्रावधान पहले से किया गया है। गुरुवार को कैबिनेट ने अन्य हथियारों के लिए अनुग्रह राशि के प्रावधान पर मुहर लगाई है।