
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं को लेकर पंजाब के लोगों ने शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को माफ नहीं किया है। खासतौर पर हाल ही में संपन्न हुए जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव में बुर्ज जवाहर सिंह, बरगाड़ी और बहिबलकलां में अकाली दल की हार से साफ लगता है कि उसके प्रति लोगों का रोष अभी खत्म नहीं हुआ है।
बुर्ज जवाहर सिंह, बरगाड़ी व बहिबलकलां में मिली करारी हार, बहिबलकलां में मिले महज 183
बुर्ज जवाहर सिंह वही गांव है जहां से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बीड़ चोरी हुई थी। जिला परिषद चुनाव में इस गांव में कांग्रेस को 568 वोट मिले तो अकाली दल को मात्र 129 वोट प्राप्त हुए। बरगाड़ी में हुए जिला समिति के चुनाव में कांग्रेस को 2313 वोट मिले जबकि अकाली दल को 1414 वोट से संतोष करना पड़ा।
बहिबलकलां में कांग्रेस को 587 और अकाली दल को 183 वोट मिले। यही हाल, पंचायत समिति के चुनाव में भी रहा। बुर्ज जवाहर सिंह गांव में कांग्रेस को 609 और अकाली दल को 85 वोट मिले, बहिबल कलंा में कांग्रेस को 740 और अकाली दल को 98 वोट मिले। बरगाड़ी में कांग्रेस को मिले 2373 के मुकाबले में अकाली दल को 1330 वोट मिले। यह इलाका अकाली दल का गढ़ माना जाता था।
अकाली दल ने झोंकी थी ताकत
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं को लेकर अकाली दल ने बरगाड़ी, बहिबलकलां आदि गांवों में पूरी ताकत झोंक रखी थी। पार्टी नेताओं का मानना था कि इन इलाकों में जीत मिलने से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को लेकर पार्टी के प्रति जो रोष है वह कम होगा और इसे पूरे पंजाब में मुद्दा बनाने का मौका मिल जाएगा। वे लोगों में इस बात को ले जा सकेंगे कि कांग्रेस जानबूझकर बहिबलकलां कांड को मुद्दा बना रही है जबकि लोग उनके साथ हैं। यही कारण है कि चुनाव से पहले पार्टी ने फरीदकोट में रैली भी की।