
जिले में बढ़ते अपराध को लेकर आज सुबह से ही व्यवसायी सड़कों पर उतरे हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं। रंगदारी की मांग और व्यवसायियों पर लगातार हो रहे हमले के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर बुधवार को आक्रोशित व्यावसायियों ने ये कदम उठाया है।
आज सुबह से ही आक्रोशित व्यवसायियों ने जुलूस की शक्ल में घूम-घूम कर दुकानों को बंद कराया। साथ ही हाथों में तख्तियां लेकर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध रोषपूर्ण नारेबाजी की। बंद समर्थक तीन अलग- अलग टोलियों में बंटकर शहर के विभिन्न इलाकों में दुकानों को बंद कराकर प्रदर्शन करते दिखे।
बिहार व्यवसायिक संघर्ष मोर्चा व व्यवसायिक संघ के संयुक्त तत्वाधान में आहूत आरा बंद के दौरान काफी संख्या में व्यवसायी, दुकानदार, राजनीतिक कार्यकर्ता व स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान शहर के महत्वपूर्ण इलाकों की सभी दुकानें बंद रही।
जुलूस में शामिल व्यवसायियों का कहना था कि पुलिस व जिला प्रशासन अपराध रोकने में असमर्थ है। इस दौरान आक्रोशित लोग अपराधियों को गिरफ्तार करने, व्यवसायियों को सुरक्षा प्रदान करने व गोलीबारी में मारे गये ट्रैक्टर एजेंसी के कर्मी विपुल मिश्रा के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे ।
बंद में भोजपुर- बक्सर के विधान पार्षद राधाचरण साह, मोर्चा के अध्यक्ष चंद्रभानू गुप्ता, भाजपा नेता दुर्गा राज, भाकपा (माले) नेता अमित कुमार बंटी, कांग्रेस नेता राजेश कुमार, सहित सैकडों की संख्या में व्यवसायियों ने भाग लिया।
बता दें कि बीस सितंबर को रंगदारी के लिए जीरो माइल स्थित भाजपा नेता प्रेम फंकज उर्फ ललन के शो रूम पर अपराधियों ने फायरिंग की थी। जिसमें एक कैशियर की मौत हो गई थी। दूसरा स्टाफ घायल हो गया था।