जानिए: सबसे खतरनाक विलेन का पोता करने जा है बॉलिवुड डेब्यू

बॉलीवुड में भी अक्सर स्टार के बेटे ही ज्यादा फिल्म बनाने लग जाते है और इस कड़ी में  जुड़ गया है जी हां  बॉलिवुड के दिग्गज अभिनेता रहे अमरीश पुरी के पोते वर्धन पुरी भी फिल्मी दुनिया में पैर रखने जा रहे हैं। वह फिल्म ‘पागल’ से बॉलिवुड में डेब्यू करेंगे, जो साल 2019 में रिलीज होगी। हाल ही में वर्धन ने अपनी डेब्यू फिल्म और दादा अमरीश के बारे में बात की।बॉलीवुड में भी अक्सर स्टार के बेटे ही ज्यादा फिल्म बनाने लग जाते है और इस कड़ी में  जुड़ गया है जी हां  बॉलिवुड के दिग्गज अभिनेता रहे अमरीश पुरी के पोते वर्धन पुरी भी फिल्मी दुनिया में पैर रखने जा रहे हैं। वह फिल्म 'पागल' से बॉलिवुड में डेब्यू करेंगे, जो साल 2019 में रिलीज होगी। हाल ही में वर्धन ने अपनी डेब्यू फिल्म और दादा अमरीश के बारे में बात की।    वर्धन शुरू से ही ऐक्टर बनना चाहते थे। फिल्मी दुनिया में एंट्री करने पर उन्होंने बात करते हुए कहा, 'मैं जब पांच साल का था तभी से ऐक्टर और घर का एंटरटेनर कहलाता था। अपने खाली समय में मैं दादा जी की विग और जूते पहनकर पूरे घर में घूमता था और उनके डायलॉग बोलता रहता था। उस समय मेरे परिवार को एहसास हुआ कि मैं ऐक्टर बन सकता हूं।    मेरी बहन सांची, उसकी दोस्त और हमारे घर में काम करने वाले लोग मेरे दर्शक हुआ करते थे। डेब्यू की बात करें तो मैं पहले इतिहास से जुड़ी कोई फिल्म करना चाहता था, लेकिन बाद में मैंने पागल की स्टोरी पढ़ी और मुझे उससे प्यार हो गया।'  वर्धन थिएटर आर्टिस्ट भी रहे हैं। साथ ही में उन्होंने कई फिल्मों के लिए असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी काम किया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें ऐक्टर्स के करीब रहने का मौका मिला, जिनसे उन्होंने काफी कुछ सीखा। हालांकि, डेब्यू फिल्म के लिए उन्हें और तैयारी करनी पड़ी। वर्धन ने बताया कि, 'डेब्यू फिल्म में अपने किरदार की तैयारी के लिए मैं अपने दोस्तों से करीब 18 महीने दूर रहा और खुद को रोल के लिए तैयार किया।'बॉलीवुड में भी अक्सर स्टार के बेटे ही ज्यादा फिल्म बनाने लग जाते है और इस कड़ी में  जुड़ गया है जी हां  बॉलिवुड के दिग्गज अभिनेता रहे अमरीश पुरी के पोते वर्धन पुरी भी फिल्मी दुनिया में पैर रखने जा रहे हैं। वह फिल्म 'पागल' से बॉलिवुड में डेब्यू करेंगे, जो साल 2019 में रिलीज होगी। हाल ही में वर्धन ने अपनी डेब्यू फिल्म और दादा अमरीश के बारे में बात की।    वर्धन शुरू से ही ऐक्टर बनना चाहते थे। फिल्मी दुनिया में एंट्री करने पर उन्होंने बात करते हुए कहा, 'मैं जब पांच साल का था तभी से ऐक्टर और घर का एंटरटेनर कहलाता था। अपने खाली समय में मैं दादा जी की विग और जूते पहनकर पूरे घर में घूमता था और उनके डायलॉग बोलता रहता था। उस समय मेरे परिवार को एहसास हुआ कि मैं ऐक्टर बन सकता हूं।    मेरी बहन सांची, उसकी दोस्त और हमारे घर में काम करने वाले लोग मेरे दर्शक हुआ करते थे। डेब्यू की बात करें तो मैं पहले इतिहास से जुड़ी कोई फिल्म करना चाहता था, लेकिन बाद में मैंने पागल की स्टोरी पढ़ी और मुझे उससे प्यार हो गया।'  वर्धन थिएटर आर्टिस्ट भी रहे हैं। साथ ही में उन्होंने कई फिल्मों के लिए असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी काम किया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें ऐक्टर्स के करीब रहने का मौका मिला, जिनसे उन्होंने काफी कुछ सीखा। हालांकि, डेब्यू फिल्म के लिए उन्हें और तैयारी करनी पड़ी। वर्धन ने बताया कि, 'डेब्यू फिल्म में अपने किरदार की तैयारी के लिए मैं अपने दोस्तों से करीब 18 महीने दूर रहा और खुद को रोल के लिए तैयार किया।'

वर्धन शुरू से ही ऐक्टर बनना चाहते थे। फिल्मी दुनिया में एंट्री करने पर उन्होंने बात करते हुए कहा, ‘मैं जब पांच साल का था तभी से ऐक्टर और घर का एंटरटेनर कहलाता था। अपने खाली समय में मैं दादा जी की विग और जूते पहनकर पूरे घर में घूमता था और उनके डायलॉग बोलता रहता था। उस समय मेरे परिवार को एहसास हुआ कि मैं ऐक्टर बन सकता हूं।

मेरी बहन सांची, उसकी दोस्त और हमारे घर में काम करने वाले लोग मेरे दर्शक हुआ करते थे। डेब्यू की बात करें तो मैं पहले इतिहास से जुड़ी कोई फिल्म करना चाहता था, लेकिन बाद में मैंने पागल की स्टोरी पढ़ी और मुझे उससे प्यार हो गया।’

वर्धन थिएटर आर्टिस्ट भी रहे हैं। साथ ही में उन्होंने कई फिल्मों के लिए असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी काम किया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें ऐक्टर्स के करीब रहने का मौका मिला, जिनसे उन्होंने काफी कुछ सीखा। हालांकि, डेब्यू फिल्म के लिए उन्हें और तैयारी करनी पड़ी। वर्धन ने बताया कि, ‘डेब्यू फिल्म में अपने किरदार की तैयारी के लिए मैं अपने दोस्तों से करीब 18 महीने दूर रहा और खुद को रोल के लिए तैयार किया।’