
राफेल मुद्दे को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा- राफेल विमान की खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रॉबर्ट वाड्रा के दोस्त संजय भंडारी के घर से निकले हैं। यह बताता है कि कांग्रेस की नीयत क्या थी.
बीजेपी ने कहा- रॉबर्ट वाड्रा और सुमित चड्ढा के बीच ईमेल पर बातचीत हुई। खुद भ्रष्टाचार में डूबे हुए लोग प्रधानमंत्री मोदी जैसे व्यक्ति पर उंगली उठाते हैं। कांग्रेस द्वारा राफेल सौदे को लेकर बीजेपी पर लगाए जा रहे सारे आरोप आधारहीन हैं।
पात्रा ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा के दोस्त संजय भंडारी को एक मिलियन स्विस फ्रैंक स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के अकाउंट में रक्षा सौदों की दलाली के तौर पर मिले जो उन्हें कांग्रेस को देने थे। भंडारी को बचाने के लिए सारे आरोप लगाए जा रहे हैं। संबित पात्रा ने कहा कि संजय भंडारी के पास एक ऐमिरेट्स फ्लाइट में रॉबर्ट वाड्रा के लिए 8 लाख रुपये के टिकट सहित दो मेल भेजे गए। पहले मेल 7 अगस्त 2012 को भेजा गया, जिसमें 13 अगस्त को फ्लाइट नं. EK71 में रॉबर्ट वाड्रा के ट्रैवल प्लान का विवरण था।
सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि संप्रग सरकार ने यह सौदा इसीलिए रद कर दिया, क्योंकि वाड्रा की कंपनी को बिचौलिया नहीं बनाया गया था। संप्रग सरकार चाहती थी कि यह करार रॉबर्ट वाड्रा के जरिये होनी चाहिए, ताकि उन्हें फायदा हो। आज भी इसकी कोशिश जारी है।
शेखावत ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी साजिश के तहत इस डील को रद कराना चाहते हैं, ताकि रॉबर्ट वाड्रा के दोस्त संजय भंडारी को व्यावसायिक फायदा पहुंचाया जा सके। जो झूठ फैलाया जा रहा है, उसके पीछे रॉबर्ट वाड्रा और उनके बिजनेस पार्टनर संजय भंडारी का व्यावसायिक हित है। राहुल और उनकी पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए कि क्या देश हथियारों के किसी दलाल की व्यावसायिक हितों के लिए समझौता करेगा? शेखावत का कहना है कि राबर्ट वाड्रा और भंडारी दुबई में रक्षा प्रदर्शनी में साथ देखे गए थे।