
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बेटे को सुरक्षा और फ्लीट से छोड़ने में एक साल पहले हुई चूक पर जिम्मेदारों को सिर्फ चेतावनी मिली है। वह भी तब, जब पूरे मामले में गृह मंत्रालय ने जांच कराने के निर्देश दिए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वीवीआइपी सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कितने गंभीर हैं। 
ठीक एक साल पहले यानि 23 सितंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हरिद्वार भ्रमण पर आए थे। उनके साथ परिवार के लोग भी थे। यहां से उनकी फ्लीट देहरादून के लिए चली। लेकिन, इस बीच उनके बेटे प्रशांत कोविंद हरिद्वार में छूट गए। यह बात फ्लीट मार्शल तो दूर, परिजनों तक को भी नहीं बताई गई। जबकि, इस वीवीआइपी फ्लीट में लॉयजन अधिकारी और प्रोटोकॉल अधिकारी तैनात थे। यहां तक कि हर इनोवा कार के साथ लॉयजन अधिकारी तैनात किए गए थे।
वीवीआइपी दौरे में इस तरह की लापरवाही पहली बार देखने को मिली। हालांकि, उस दौरान अधिकारियों का कहना था कि राष्ट्रपति के बेटे वॉशरूम गए थे। लेकिन, सुरक्षा को लेकर इस तरह की लापरवाही किसी के गले नहीं उतरी। मामले को गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया था। इसके बाद जांच बिठाई गई थी।
दून में एसपी ट्रैफिक लोकेश्वर सिंह ने मामले की जांच की। इसमें लॉयजन और प्रोटोकॉल अधिकारी की लापरवाही सामने आई थी। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई। मगर, रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति हुई तो वीवीआइपी ड्यूटी में तैनात प्रोटोकॉल और लॉयजन अधिकारी को सिर्फ चेतावनी दी गई। कहा गया कि भविष्य में दोबारा ऐसी लापरवाही हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी।