
कलियर क्षेत्र के इनायतपुर गांव में बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से श्रमिकों से भरी बस में आग लग गई। हादसे में बीस से अधिक लोग झुलस गए। इनमें आठ की हालत गंभीर बनी है। 
इनायतपुर व आसपास के गांव के लोग रोशनाबाद स्थित सिडकुल की फैक्ट्रियों में काम करते हैं। गांव से ही एक बस सुबह करीब 4:00 बजे 50 श्रमिकों को लेकर रोशनाबाद की ओर जा रही थी।
यह बस इनायतपुर गांव से आगे पहुंची तो वहां हाईटेंशन लाइन का तार सड़क पर टूटा हुआ था। इसकी चपेट में आने से बस में आग लग गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
आनन फानन ग्रामीण भी मौके की तरफ दौड़े ग्रामीणों ने एंबुलेंस को सूचना दी। समय तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान मची अफरा-तफरी में बीस श्रमिक झुलस गए। पुलिस मौके पर पहुंची और झुलसे गंभीर रूप से झुलसे आठ लोगों को सिविल हॉस्पिटल के साथ ही अन्य अस्पताल में लाया गया। घायलों में एक युवती निशा उम्र 21 साल को मेरठ रेफर कर दिया।
ज्वालापुर विधायक ने दिया धरना
ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ज्वालापुर के विधायक सुरेश राठौर और सैकड़ों ग्रामीणों ने अदीपुर के समीप धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम की लापरवाही की वजह से ही बस में आग लगी। निगम को बार-बार कहने के बावजूद लाइन को दुरुस्त नहीं किया गया। इसी बीच ऊर्जा निगम के अधिकारी और सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे।
उप महाप्रबंधक अमित कुमार शर्मा ने धनोरी बिजलीघर घर पर तैनात अवर अभियंता आटोल रावत को निलंबित कर दिया। साथ ही इस मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
सीएम ने दिए जेई को निलंबित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में सिडकुल से रूड़की जा रही बस के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से के मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित ऊर्जा निगम के जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के लिए ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठन करने तथा घायलों के उचित उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए।