
प्रधान मिड डे मील के नाम पर मांग रहा 20% कमीशन वहीं स्कूल के हेड मास्टर खुद अपनी जेब से बनवा रहे 2 महीने से बच्चों के लिए खाना
केंद्र सरकार और राज्य सरकार लगातार गरीबी से जूझ रहे लोगों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि वह एक वक्त का खाना सुकून से खा सकें और उनको सोने के लिए सिर पर छत भी हो लेकिन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी सरकार के मंसूबों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं
मामला हरदोई जिले के बगल में ही ग्राम सभा सरैया के माहपुरा गांव का है जहां पर ग्राम प्रधान सर्वेश गुप्ता और ग्राम पंचायत अधिकारी ने मिलकर सरकारी आवासों में लाखों रुपए का बंदरबांट किया माहपुरा की रहने वाली चंद्रकांति पत्नी राकेश ने बताया करीब 1 साल पहले हमें प्रधानमंत्री आवास मिला था लेकिन पहली किस्त 40 हजार की मिले जिससे उसने आधा आवास बना लिया दूसरी किस्त के लिए प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी 20 हजार रुपए कमीशन की मांग कर रहा है लेकिन उसने पैसे नहीं दिए और उसका 1 साल बीत जाने के बाद दूसरी किस्त नहीं मिली ऐसे ही हाल पूरे गांव का है वहीं चंद्रकांति ने बताया हम लोग 20 साल से ग्राम समाज ki जमीन पर रह रहे हैं प्रधान द्वारा आवास भी दिया गया लेकिन जब आवास में पैसों की मांग की गई तो प्रधान हम लोगों को इस जमीन से निकालना चाहता है जबकि हमारे आधे आवास बने खड़े हुए जिसकी शिकायत हमने कई उच्च अधिकारियों से की लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई
वही आगे बढ़े तो पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरैया बच्चों के लिए बनने वाला मिड डे मील बंद होने की कगार पर है कारण मिड डे मील में भी प्रधान 20% की मांग कर रहा है स्कूल के प्रधानाध्यापक रमेश कनौजिया ने बताया कि वह स्वयं 2 महीने से अपने पास से स्कूल के बच्चों के लिए खाना बनवा रहे हैं प्रधानाध्यापक ने बताया कि मैं अपनी सैलरी से 2 महीने से खाना बनवा रहा हूं हमें अभी प्रधान द्वारा कुछ नहीं मिल रहा है, वहीं स्कूल के हालात भी सही नहीं है शौचालय तक टूटा पड़ा हुआ है उसको अभी Tak सही नहीं कराया जा सका है ऐसे में उच्च अधिकारियों द्वारा कोई भी कार्यवाही प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर नहीं हुई लोगों की माने तो वह लोग काफी दबंग बताए जाते हैं इसीलिए अधिकारी भी उन पर कार्रवाई करने से कतराते हैं