तो क्या आम आदमी के लिए मुमकिन हो गया है चांद पर जाना

अगर आपको चांद की यात्रा पर जाने का मौका मिले तो क्या आप तैयार हैं. आपमें से ज़्यादातर लोग इस बात पर भरोसा नहीं करेंगे और ये कहेंगे कि चांद पर तो सिर्फ़ अंतरिक्षयात्री ही जा सकते हैं ये यात्रा आम इंसान के लिए नहीं है . लेकिन आज आपको ये जानकर खुशी होगी कि चांद पर जाने के रास्ते.. आम इंसान के लिए भी खुल चुके हैं.  हालांकि ये एक बहुत महंगा सौदा है. इसके लिए आपको करोड़ों रुपये खर्च करने होंगे .तो क्या आम आदमी के लिए मुमकिन हो गया है चांद पर जाना? अमेरिका की एक प्राइवेट स्पेस कंपनी Space’X ने जापान के एक अरबपति बिज़नेसमैन को चांद की यात्रा पर भेजने का मिशन तैयार किया है . Space’X अपने Big Falcon Rocket के ज़रिए जापान के इस उद्योगपति को अंतरिक्षयात्री बनाकर चांद की यात्रा पर भेजेगी. इस यात्रा में अंतरिक्षयान चांद की सतह के चक्कर लगाकर वापस पृथ्वी पर लौट आएगा . यानी जापान का ये अंतरिक्ष यात्री..चांद की यात्रा पर तो जाएगा, लेकिन वो चांद की सतह पर नहीं उतर पाएगा. उसे सिर्फ़ चांद को बहुत करीब से देखने का मौका मिलेगा . 

इस अंतरिक्ष यात्री का नाम है Yusaku मेज़ावा. ये जापान की एक e-commerce कंपनी Zozo के मालिक हैं लेकिन उनके शौक कुछ अलग और रोमांचक किस्म के हैं. 

Yusaku चांद की इस यात्रा पर अकेले नहीं जाना चाहते, वो इस यात्रा पर 6-7 कलाकारों की एक टीम को साथ लेकर जाएंगे . इस टीम में चित्रकार, फोटोग्राफर, संगीतकार, फिल्म डायरेक्टर और फैशन डिज़ाइनर शामिल होंगे . 

ऐसी संभावना है कि ये मिशन वर्ष 2023 में चांद की यात्रा पर जाएगा. इससे पहले सभी अंतरिक्षयात्रियों को एक कठिन ट्रेनिंग से गुज़रना होगा . 

इस यात्रा में करीब 7 से 10 दिन का समय लगेगा .. पृथ्वी से चांद की दूरी करीब 3 लाख 84 हज़ार किलोमीटर है .

Space’X कंपनी के लिए ये पहला lunar mission है हांलाकि वो इससे पहले Falcon Rocket के ज़रिए international space station की सफल यात्रा पूरी कर चुकी है. ये कंपनी स्पेस टूरिज़्म की मदद से अपना व्यापार बढ़ाना चाहती है. अभी इस क्षेत्र में कोई Competition नहीं है. और दुनिया में कई लोग ऐसे हैं जो इस कंपनी को मुंह मांगे दाम देने के लिए तैयार हैं.

स्पेस X को इसकी प्रेरणा डेनिस टीटो की अंतरिक्ष यात्रा से मिली होगी. 2001 में पहली बार किसी इंसान ने पैसा देकर अंतरिक्ष की सैर की थी. और इस पहले Space Tourist का नाम डेनिस टीटो था. डेनिस टीटो करीब 9 दिनों तक अंतरिक्ष में रहे थे…. इसके लिए उन्होंने 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 145 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

वर्ष 1969 में चांद की सतह पर पहली बार अमेरिका के अंतरिक्षयात्री Neil Armstrong ने कदम रखा था. इसके बाद 24 अंतरिक्षयात्री चांद की यात्रा पर जा चुके हैं लेकिन इनमें से सिर्फ़ 12 यात्रियों को चांद की सतह पर कदम रखने का मौका मिला है. 1969 में चांद पर कदम रखना, अमेरिका की एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी और अब लगभग 50 साल बाद एक अमेरिकी कंपनी पहले स्पेस टूरिस्ट को चांद तक पहुंचाकर अंतरिक्ष में व्यापार की संभावनाएं ढूंढ रही है. 

 अमेरिका की Space X कंपनी का नाम आपने पहले भी कई बार सुना होगा . ये कंपनी कम लागत में तैयार किये जाने वाले 
अपने स्पेस मिशन के लिए जानी जाती है . आपको याद होगा कि इस कंपनी के CEO…Elon Musk ने इसी साल फरवरी के महीने में Tesla की इलेक्ट्रिक कार को अंतरिक्ष में भेजा था . ये एक तरह की मार्केटिंग Exercise थी. इस मिशन से Elon Musk ने अपनी कार कंपनी Tesla का प्रचार पूरी दुनिया में कर दिया और ये साबित करने की कोशिश की वो दुनिया के सबसे कामयाब बिजनेसमैन हैं . लेकिन इसका दूसरा पहलू ये भी है कि Elon Musk मार्केटिंग के शोर में अपनी कमियों को छुपाने की कोशिश कर रहे थे . इस बार भी उन्होंने ऐसा ही किया है . Elon Musk की कंपनियों के दिन, अच्छे नहीं चल रहे हैं वो पिछले कई वर्षों से आर्थिक तंगी के दौर से गुज़र रहे हैं . 

अप्रैल 2017 में Tesla अमेरिका की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बन गई थी 

इस कंपनी ने हर महीने 20 हज़ार इलेक्ट्रिक कार बनाने का लक्ष्य रखा लेकिन ये कंपनी हर महीने ढाई हज़ार से ज़्यादा कार नहीं बना पाई . इससे Elon Musk की काफी बदनामी हुई . और कंपनी को नुकसान हुआ 

इसी वर्ष Elon Musk ने ये ऐलान किया था कि वो अपनी कंपनी टेस्ला के सभी शेयर वापस खरीद लेंगे . इसके लिए उन्होंने कुछ निवेशकों से बात की लेकिन इस ऐलान के बाद उनकी कंपनी के Shares की कीमत काफी गिर गई . 

अपने नुकसान की भरपाई के लिए Elon Musk मार्केटिंग का सहारा ले रहे हैं . वो चांद वाली यात्रा के टिकट बेचकर करोड़ों रूपये का एडवांस ले चुके हैं. 

इससे उन्होंने अपनी मुसीबतों को दूर करने के लिए 5 वर्ष का समय मुफ़्त में खरीद लिया. जो मिशन 2023 में लॉन्च होगा, उसकी मार्केटिंग 2018 में इतने बड़े पैमाने पर हो रही है. 
 
हो सकता है कि हमारी ख़बर देखने के बाद आपने चांद पर जाने के सपने देखने शुरू कर दिए हों. हम आपका हौसला तोड़ना नहीं चाहते, लेकिन आपको ये ज़रूर बताना चाहते हैं कि एक अंतरिक्षयात्री की ज़िंदगी आसान नहीं होती. अंतरिक्ष में जाने के लिए वर्षों की तैयारी करनी पड़ती है. आपके मन में भी कई सवाल होंगे, कि स्पेस स्टेशन कैसा होता है, अंतरिक्ष यात्री क्या खाते हैं, कहां सोते हैं, कैसे काम करते हैं… वहां Wifi होता है या नहीं…? आपके ऐसे तमाम सवालों के जवाब अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA के अंतरिक्षयात्री Reid Wiseman ने दिए हैं. उन्हें अंतरिक्ष में रहने का अच्छा ख़ासा अनुभव है, उन्होंने वर्ष 2014 में International Space Station में 165 दिन गुज़ारे थे. अब आप उनकी बातें ध्यान से सुनिए