
शहर के मकसूदां थाना लगातार चार बम धमाकों से दहल उठा। एक के बाद एक हुए धमाके से अफरा-तफरी मच गई। कम शक्ति के इन धमाकों से एसएचओ रमनदीप सिंह व हेड कांस्टेबल परमिंदर जीत सिंह जख्मी हो गए। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने देर रात पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की जांच आज चंडीगढ़ से फोरेंसिक टीम आएगी।
उन्होंने कहा कि थाने में बाहर से कोई वस्तु फेंकने के बाद धमाके हुए। अभी यह साफ नहीं है कि यह पेट्रोल बम है या कोई अन्य विस्फोटक पदार्थ। हमले के पीछे आतंकी कनेक्शन या ड्रग तस्करों का हाथ होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इतना तो तय है कि इसके पीछे कोई शरारत है, लेकिन चंडीगढ़ से फोरेंसिक टीम की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
बाहर से फेंकी गई कम शक्तिशाली बमनुमा वस्तु, डीजीपी ने कहा- किसी साजिश से इन्कार नहीं
वहीं, पुलिस कमिश्नर पीके सिन्हा ने भी कहा, ‘थाने के अंदर कोई नहीं आया। बाहर से ही कोई वस्तु फेंकी गई है।शुक्रवार देर रात तक पुलिस साफ नहीं कर पाई कि धमाकों में कौन सा विस्फोटक पदार्थ इस्तेमाल किया गया है। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि एसएचओ के कमरे की दीवार पर गहरे निशान बने हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके के बाद पुलिसकर्मी थाने के बाहर निकल आए। थाना परिसर में धुआं फैल गया। धमाके की आवाजें डेढ़ किलोमीटर तक सुनाई दी गईं। वहीं, घटना के बाद थाने में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। देर रात तक थाने के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। आस पास के थानों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया। मकसूदां के आसपास तलाशी अभियान भी चलाया गया।
यहां हुए धमाके
पहला: मुख्य गेट के नजदीक परिसर में
दूसरा: एसएचओ रमनदीप सिंह के कमरे के बाहर
तीसरा: संतरी के बूथ के पास
चौथा: हवालात और मुंशी के कमरे के निकट
इसी थाने में पकड़ी गईं सबसे ज्यादा ड्रग्स
जब पुलिस कमिश्नर से पूछा गया कि क्या थाने को उड़ाने की साजिश थी? क्योंकि हाल ही में इस थाने में सबसे ज्यादा ड्रग्स पकड़ी गई हैं, तो उन्होंने कहा कि नशा तस्करों व आतंकी वारदात कहना बहुत जल्दी होगी, लेकिन इससे पूरी तरह इन्कार भी नहीं किया जा सकता। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।