इस डेम में शुरू हुआ वॉटर स्पोर्ट्स, ऐसा है नजारा

पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत ट्रायबल टूरिस्ट सर्किल परियोजना का लोकार्पण शुक्रवार को यहां आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फॉन्स ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के पर्यटन मंत्री दयालदास बघेल ने की। इस मौके पर राज्य सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। यहां गंगरेल डेम के नजदीक तैयार किए गए बरदीहा लेक व्यू व टूरिस्ट कॉटेज का उन्होंने लोकार्पण किया।पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत ट्रायबल टूरिस्ट सर्किल परियोजना का लोकार्पण शुक्रवार को यहां आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फॉन्स ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के पर्यटन मंत्री दयालदास बघेल ने की। इस मौके पर राज्य सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। यहां गंगरेल डेम के नजदीक तैयार किए गए बरदीहा लेक व्यू व टूरिस्ट कॉटेज का उन्होंने लोकार्पण किया।  ADVERTISING  inRead invented by Teads इस समारोह के दौरान लोक नृत्य संगीत से जुड़े कार्यक्रम भी स्थानीय आदिवासी दलों द्वारा प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स की भी यहां शुरुआत हो रही है। मोटरबोट, वाटरजेट जैसे आधुनिक वाटर एडवेंचर से भरपूर स्पोर्ट्स सुविधाओं की शुरूआत आज से यहां हो रही है।   समर्पण का यह भी हाल, कभी देते थे मौत, आज जिंदगी के लिए मांग रहे सुरक्षा यह भी पढ़ें  लेक को पर्यटन सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया गया है और यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए कॉटेज भी तैयार किए गए हैं। महानदी पर बने गंगरेल डेम के आस-पास का नजारा किसी समंदर तट की तरह नजर आ रहा है।  पर्यटन की सुविधाओं के विकास के साथ ही वाटर एडवेंचर से जुड़े ऐसे अत्याधुनिक संसाधन यहां उपलब्ध कराए गए हैं, जो पहले छत्तीसगढ़ में उपलब्ध नहीं थे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह ट्राइबल टूरिज्म सर्किल पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इन्हें बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।

इस समारोह के दौरान लोक नृत्य संगीत से जुड़े कार्यक्रम भी स्थानीय आदिवासी दलों द्वारा प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स की भी यहां शुरुआत हो रही है। मोटरबोट, वाटरजेट जैसे आधुनिक वाटर एडवेंचर से भरपूर स्पोर्ट्स सुविधाओं की शुरूआत आज से यहां हो रही है।

लेक को पर्यटन सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया गया है और यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए कॉटेज भी तैयार किए गए हैं। महानदी पर बने गंगरेल डेम के आस-पास का नजारा किसी समंदर तट की तरह नजर आ रहा है।

पर्यटन की सुविधाओं के विकास के साथ ही वाटर एडवेंचर से जुड़े ऐसे अत्याधुनिक संसाधन यहां उपलब्ध कराए गए हैं, जो पहले छत्तीसगढ़ में उपलब्ध नहीं थे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह ट्राइबल टूरिज्म सर्किल पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इन्हें बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।