
अगर आप पराली की समस्या के निदान का आइडिया है तो आप करोड़पति बन सकते हैं। पंजाब सरकार एेसा आइडिया देने वाले को सात करोड़ रुपये का इनाम देगी। यह घोषणा पंजाब किसान आयोग के चेयरमैन अजयवीर जाखड़ ने जर्मनी में एक कार्यक्रम के दौरान की है। इसके अलावा सरकार कॉलेजों से एनएसएस के 37 हजार वालंटियरों की सेवाएं भी लेगी जो किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करेंगे।
पराली की समस्या इस समय पंजाब की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। जो न केवल उत्तर भारत के लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है, बल्कि इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम हो रही है। इसका सार्थक हल निकाला जाना जरूरी है। पंजाब में करीब 185 लाख टन पराली होती है। इसमें से करीब 150 लाख टन जला दी जाती है।
जर्मनी में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए अजयवीर ने कहा कि पंजाब सरकार पिछले साल के मुकाबले कम से कम पराली जलाने का ही प्रयास कर रही है। पराली को न जलाने के लिए जागरूकता मुहिम शुरू की गई है। किसानों को मशीनरी भी उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि धान के अवशेषों को काटकर बीच में ही खेतों के डाला जा सके।
पंजाब सरकार ने खेतीबाड़ी महकमे के अलावा शिक्षा संस्थानों को भी पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने की मुहिम पर लगा दिया है। कॉलेजों में एनएसएस के 37 हजार वालंटियरों को इस काम में लगाया जाएगा। पंजाबी यूनिवर्सिटी के अधीन दर्जनों कॉलेज हैं। इन कॉलेजों के विद्यार्थी किसानों को जागरूक करेंगे।
हर गांव में जाएंगे एनएसएस वालंटियर
पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन एसएस मरवाहा ने कहा है कि एनएसएस वालंटियरों को हर गांव में भेजा जाएगा। वे किसानों को पराली से संबंधित नुकसानों के बारे में आगाह करेंगे। वे बताएंगे कि पराली को जलाने से उनका कितना नुकसान हो रहा है? यह भी बताएंगे पराली की समस्या से निपटने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं।
किसानों को देंगे पंपलेट