वीआइपी सडको पर भी साढ़े तीन किमी में 343 गड्ढे

दून की इस सड़क से सीएम से लेकर शासन तक के अधिकारी गुजरते हैं। मगर शायद उनकी नजर यहां के गड्ढों पर नहीं पड़ती है। प्रिंस चौक से विधानसभा तिराहे तक करीब साढ़े तीन किमी सड़क पर 343 गड्ढे हैं। इसमें 37 गड्ढे दो मीटर से भी ज्यादा बड़े आकार के हो गए हैं। यहां 27 सीवर मेनहोल के आसपास भी गहरे गड्ढे हो गए हैं। आए दिन दुपहिया वाहन सवार इन गड्ढों के कारण चोटिल हो रहे हैं।दून की इस सड़क से सीएम से लेकर शासन तक के अधिकारी गुजरते हैं। मगर शायद उनकी नजर यहां के गड्ढों पर नहीं पड़ती है। प्रिंस चौक से विधानसभा तिराहे तक करीब साढ़े तीन किमी सड़क पर 343 गड्ढे हैं। इसमें 37 गड्ढे दो मीटर से भी ज्यादा बड़े आकार के हो गए हैं। यहां 27 सीवर मेनहोल के आसपास भी गहरे गड्ढे हो गए हैं। आए दिन दुपहिया वाहन सवार इन गड्ढों के कारण चोटिल हो रहे हैं।  प्रिंस चौक से लेकर विधानसभा तिराहे तक वीआइपी की सबसे ज्यादा आवाजाही होती है। लेकिन मानसूनी बारिश ने इस बार सड़क को छलनी कर दिया है। सड़क पर चलते वक्त हिचकोले खाना मानो नियति बन गई है। जो लोग यहां से गुजरते हैं, सरकार को कोसते जाते हैं। ऐसा नहीं है, अफसरों को इसकी जानकारी नहीं हैं। मगर वह भी बारिश बंद होने के बाद मरम्मत की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।  सबसे ज्यादा गड्डे धर्मपुर सब्जी मंडी से लेकर लक्ष्मी तिराहे तक और होटल हिम पैलेस से लेकर रिस्पना पुल के बीच हैं। यहां कई जगह दस से तीस मीटर तक सड़क ही गायब हो गई है। यहां बजरी फैली हुई है। जिस पर दोपहिया चालक रपट जाते हैं। हालांकि लोनिवि ने गड्ढों में ईंटें भर दीं, मगर बारिश होते ही वह भी बह गईं।    जलवायु परिवर्तन के संकट से जूझ रहा हिमालय, गड़बड़ा गया है वर्षा का चक्र यह भी पढ़ें   सड़क पर यहां बने हुए गड्ढे    सीटी स्कैन मशीन पर हो जाएगी एंजियोग्राफी यह भी पढ़ें रोडवेज वर्कशॉप के सामने, कालिंगा कॉलोनी के सामने, आराघर चौकी से मंदिर तक, मंदिर से सब्जी मंडी, रिंग रोड पर गौड़ ऑर्थो नर्सिंग होम के सामने, लक्ष्मी चौक, हिम पैलेस से ऑर्चिड तक, रेवती नर्सिंग होम से एलआइसी बिल्डिंग तक, चंचल स्वीट तिराहे से पदमावती नर्सिंग होम तक, जगदंबा ट्रामा सेंटर से रिस्पना पुल तक, विधानसभा तिराहे के जेएसआर होटल के सामने, रिस्पना पुल के ऊपर, नेहरू कॉलोनी चौक से हिम पैलेस के बीच, एसबीआइ से लेकर धर्मपुर चौक तक छोटे-बड़े गड्ढे हैं।      सीबीआइ की लखनऊ ब्रांच करेगी आंचल पांधी मामले की जांच यह भी पढ़ें हमें बताएं अपनी समस्या  आपके क्षेत्र में भी यदि सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं तो इसकी जानकारी हमें व्हाट्सएप पर दें। गड्ढों की अलग-अलग एंगल की तीन फोटो, स्थान, अपना नाम और इलाके की जानकारी हमें भेजें। पूरा ब्योरा मिलने पर आपकी समस्या फोटो सहित प्रकाशित की जाएगी।   व्हाट्सएप नंबर : 09412947287 ई-मेल-santosh.bhatt@drn.jagran.com    इस फिल्‍म में अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के बचपन के किरदार में दिखेंगी स्वर्णिम यह भी पढ़ें बारिश रुकने का किया जा रहा है इंतजार   राजेंद्र गोयल (मुख्य अभियंता, लोनिवि) ने बताया कि गड्ढों से सभी को परेशानी हो रही है। मगर, बारिश के बीच कोई भी निर्माण टिक नहीं पाएगा। इसलिए बारिश रुकने का इंतजार किया जा रहा है। बजट की कोई कमी नहीं है। सड़कों पर गड्ढे भरने के साथ पैचवर्क भी किया जाएगा। साथ ही जलनिकासी को लेकर भी काम किए जाएंगे।

प्रिंस चौक से लेकर विधानसभा तिराहे तक वीआइपी की सबसे ज्यादा आवाजाही होती है। लेकिन मानसूनी बारिश ने इस बार सड़क को छलनी कर दिया है। सड़क पर चलते वक्त हिचकोले खाना मानो नियति बन गई है। जो लोग यहां से गुजरते हैं, सरकार को कोसते जाते हैं। ऐसा नहीं है, अफसरों को इसकी जानकारी नहीं हैं। मगर वह भी बारिश बंद होने के बाद मरम्मत की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।

सबसे ज्यादा गड्डे धर्मपुर सब्जी मंडी से लेकर लक्ष्मी तिराहे तक और होटल हिम पैलेस से लेकर रिस्पना पुल के बीच हैं। यहां कई जगह दस से तीस मीटर तक सड़क ही गायब हो गई है। यहां बजरी फैली हुई है। जिस पर दोपहिया चालक रपट जाते हैं। हालांकि लोनिवि ने गड्ढों में ईंटें भर दीं, मगर बारिश होते ही वह भी बह गईं। 

सड़क पर यहां बने हुए गड्ढे 

रोडवेज वर्कशॉप के सामने, कालिंगा कॉलोनी के सामने, आराघर चौकी से मंदिर तक, मंदिर से सब्जी मंडी, रिंग रोड पर गौड़ ऑर्थो नर्सिंग होम के सामने, लक्ष्मी चौक, हिम पैलेस से ऑर्चिड तक, रेवती नर्सिंग होम से एलआइसी बिल्डिंग तक, चंचल स्वीट तिराहे से पदमावती नर्सिंग होम तक, जगदंबा ट्रामा सेंटर से रिस्पना पुल तक, विधानसभा तिराहे के जेएसआर होटल के सामने, रिस्पना पुल के ऊपर, नेहरू कॉलोनी चौक से हिम पैलेस के बीच, एसबीआइ से लेकर धर्मपुर चौक तक छोटे-बड़े गड्ढे हैं।

हमें बताएं अपनी समस्या

  • आपके क्षेत्र में भी यदि सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं तो इसकी जानकारी हमें व्हाट्सएप पर दें। गड्ढों की अलग-अलग एंगल की तीन फोटो, स्थान, अपना नाम और इलाके की जानकारी हमें भेजें। पूरा ब्योरा मिलने पर आपकी समस्या फोटो सहित प्रकाशित की जाएगी।  

बारिश रुकने का किया जा रहा है इंतजार 

राजेंद्र गोयल (मुख्य अभियंता, लोनिवि) ने बताया कि गड्ढों से सभी को परेशानी हो रही है। मगर, बारिश के बीच कोई भी निर्माण टिक नहीं पाएगा। इसलिए बारिश रुकने का इंतजार किया जा रहा है। बजट की कोई कमी नहीं है। सड़कों पर गड्ढे भरने के साथ पैचवर्क भी किया जाएगा। साथ ही जलनिकासी को लेकर भी काम किए जाएंगे।