मंत्री के समधी ने दिखाई हनक, SDM ने गैरेज पर चलवा दिया बुलडोजर

दीघा-आर ब्लॉक अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कार्रवाई जारी है। इसके तहत पुनाईचक रेलवे क्रॉसिंग के पास कई दुकानों पर बुधवार को बुलडोजर चला। आर ब्लॉक-दीघा रेलखंड की जमीन से कब्जा हटाने के दौरान चपेट में एक केंद्रीय मंत्री के समधी भी आ गए। प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और रेलवे की जमीन पर बने उनके गैरेज पर बुलडोजर चला दिया। इस दौरान मंत्री जी के बेटे को भी वहां देखा गया। दीघा-आर ब्लॉक अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कार्रवाई जारी है। इसके तहत पुनाईचक रेलवे क्रॉसिंग के पास कई दुकानों पर बुधवार को बुलडोजर चला। आर ब्लॉक-दीघा रेलखंड की जमीन से कब्जा हटाने के दौरान चपेट में एक केंद्रीय मंत्री के समधी भी आ गए। प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और रेलवे की जमीन पर बने उनके गैरेज पर बुलडोजर चला दिया। इस दौरान मंत्री जी के बेटे को भी वहां देखा गया।   बताया जाता है कि मंत्री के समधी अपने घर के आगे बने वाहनों के गैरेज को नहीं तोडऩे देने की जिद पर अड़ गए। गैराज में टाइल्स बिछी थी। कई महंगे चार चक्का वाले वाहन इस गैराज में लगे थे। काफी विरोध के बाद भी एसडीएम सुहर्ष भगत ने कुछ नहीं सुना और गैराज पर बुलडोजर चलवा दिया।   इस बीच मंत्री के समधी ने कई अधिकारियों और बड़े-बड़े नेताओं के पास फोन किया। एसडीएम पर मानहानि का मुकदमा करने सहित कई प्रकार की धमकी भी दी गई। लेकिन एसडीएम अपने निर्णय से टस से मस नहीं हुए। निर्देश दिया कि पहले गैरेज को तोड़ो, तब नापी होगी। नापी में पाया गया कि रेलवे की जमीन पर ही इसका निर्माण हुआ था।    लालू के लाल तेजप्रताप ने कहा-मैं कृष्ण, तेजस्वी मेरा बलराम, मुझे बदनाम ना करें... यह भी पढ़ें अपने ससुर का घर बचाने पहुंचा दामाद  अपने ससुर के घर के आगे के भाग को तोड़े जाने की जानकारी मिलते ही मंत्री जी के बेटे पहुंचे। तब तक प्रशासन घर के आगे के भाग को ध्वस्त कर चुका था। पूरी स्थिति को देखकर वे वापस लौट गये। केंद्रीय मंत्री पटना जिले के ही सांसद हैं।    बिहार में हत्याओं का दौर जारी: पांच को गोलियों से भूना, एक को काट डाला, एक शव बरामद यह भी पढ़ें झोपडिय़ों से अपना सामान बचाने में जुटे रहे लोग  इसके पहले पुनाईचक रेलवे क्रॉसिंग के पास सभी झोपडिय़ां ध्वस्त कर दी गईं। यहां छोटे-छोटे बच्चों की संख्या काफी थी। सब के सब अपनी टूटती झोपड़ी से सामान बचाने में लगे रहे। दूसरी तरफ बुलडोजर चलने के पहले ही हड़ताली मोड़ से पाटलिपुत्र पानी टंकी के बीच रेलवे लाइन से खटाल स्वत: हट गए। एक भी मवेशी नहीं मिला।   बिहार: अलग-अलग हादसों में छह की गई जान, दो घायलों की स्थिति गंभीर यह भी पढ़ें कब्जा हटाने पहुंची टीम को झोपडिय़ां खाली करते लोग मिले। झोपडिय़ों से समान निकालने के लिए प्रशासन ने समय दिया और झोपडिय़ों को तोड़ते हुए बुलडोजर आगे बढ़ते गया। बेली रोड से सटे क्षेत्र में बड़ी संख्या में झोपडिय़ों को चार-चार बुलडोजर ने कुछ ही देर में ध्वस्त कर दिया।  शाम पांच बजे तक अतिक्रमण हटाओ अभियान पाटलिपुत्र पानी टंकी के कुछ पहले समाप्त हो गया। शिवपुरी के पास सड़क नाला और उसके बाद झोपडिय़ां मिलीं। इसके बीच भी बुलडोजर चला गया और सभी झोपडिय़ों को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण हटाओ अभियान में एसडीएम सुहर्ष भगत, सहायक जिला दंडाधिकारी तनय सुलतानिया, डीसीएलआर शशि शेखर, अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा आदि मौजूद थे।   RRB group D exam: पहले चरण की परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, एेसे करें डाउनलोड यह भी पढ़ें सब्जी मंडी हो गई ध्वस्त  शिवपुरी सब्जी मंडी के पास बुलडोजर पहुंचते ही सब्जी विक्रेताओं में भगदड़ मच गई। कुछ ही देर में सभी विक्रेता सब्जी लेकर भाग निकले। बुलडोजर से सब्जी मंडी को ध्वस्त कर दिया गया।    स्वच्छ भारत मिशन: 15 को तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में VC से संवाद करेंगे PM मोदी यह भी पढ़ें आज पानी टंकी से आगे चलेगा अभियान  पाटलिपुत्र पानी टंकी से राजीव नगर के बीच गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलेगा। इस बीच बड़ी संख्या में खटाल हैं। जिला प्रशासन ने खटालों के मवेशी को पकड़कर वेटनरी कॉलेज में ले जाने की व्यवस्था की है। मवेशी को पकड़ लेने की तैयारी है, हालांकि बुधवार को चले अभियान में एक भी मवेशी नजर नहीं आया।  अतिक्रमणकारी कोई भी हो, नहीं छोड़ा जाएगा : एसडीएम  पटना सदर अनुमंडल के एसडीएम सुहर्ष भगत ने कहा कि अतिक्रमणकारी कोई भी हो, उसको छोड़ा नहीं जायेगा। तोड़ दिया जाएगा। झोपडिय़ां हो या पक्का के मकान हो। जल्द से जल्द हटा लें।   तख्त श्रीहरिमंदिर में वीडियो कॉन्फ्रे¨सग से 15 को पीएम करेंगे संवाद यह भी पढ़ें मलबे को हटाने ट्रैक्टर के साथ उतरे निगमकर्मी  मलवे को हटाने के लिए नगर निगम के कर्मी मलवे को उठाने के लिए उतर गए हैं। मलवे को हटाने का कार्य प्रारंभ हो गया है।   CM नीतीश की दो टूक: बिहार में कायम रहेगा कानून का राज, बख्‍शे नहीं जाएंगे अपराधी यह भी पढ़ें हमें कोई बताए, हम कहां रहेंगे  बेलीरोड से सटे रेलवे लाइन पर झोपड़ी में रहने वाली रीता देवी दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर हो गई। सवाल पूछती है कि हमें कोई बताए, कि कहां बच्चों को लेकर रहूंगी। सास और पति के साथ सब्जी बेचने का कार्य करती हूं। सास आशा देवी बताती हैं कि 1975 से झोपड़ी बनाकर रह रही हूं। अब तक तय नहीं हो पाया है कि कहां रहकर सब्जी बेचने का कार्य करना है।  बंटी अपनी बहन के साथ झोपड़ी से सामान निकालते मिला। भाई-बहन सामान बचाने में जुटे हैं। कई छोटे-छोटे बच्चे खेलकूद में व्यस्त हैं। बंटी बताता है कि ठहरने की जगह तलाश लिए हैं। पुनाईचक रेलवे क्रासिंग के पास छोटे-छोटे बच्चों की संख्या काफी थी। सब के सब टूटती झोपड़ी को देखने का आनंद लेते नजर आए। उन्हें यह पता भी नहीं चल पा रहा था कि उनका घर टूट गया।

बताया जाता है कि मंत्री के समधी अपने घर के आगे बने वाहनों के गैरेज को नहीं तोडऩे देने की जिद पर अड़ गए। गैराज में टाइल्स बिछी थी। कई महंगे चार चक्का वाले वाहन इस गैराज में लगे थे। काफी विरोध के बाद भी एसडीएम सुहर्ष भगत ने कुछ नहीं सुना और गैराज पर बुलडोजर चलवा दिया। 

इस बीच मंत्री के समधी ने कई अधिकारियों और बड़े-बड़े नेताओं के पास फोन किया। एसडीएम पर मानहानि का मुकदमा करने सहित कई प्रकार की धमकी भी दी गई। लेकिन एसडीएम अपने निर्णय से टस से मस नहीं हुए। निर्देश दिया कि पहले गैरेज को तोड़ो, तब नापी होगी। नापी में पाया गया कि रेलवे की जमीन पर ही इसका निर्माण हुआ था। 

अपने ससुर का घर बचाने पहुंचा दामाद

अपने ससुर के घर के आगे के भाग को तोड़े जाने की जानकारी मिलते ही मंत्री जी के बेटे पहुंचे। तब तक प्रशासन घर के आगे के भाग को ध्वस्त कर चुका था। पूरी स्थिति को देखकर वे वापस लौट गये। केंद्रीय मंत्री पटना जिले के ही सांसद हैं। 

झोपडिय़ों से अपना सामान बचाने में जुटे रहे लोग

इसके पहले पुनाईचक रेलवे क्रॉसिंग के पास सभी झोपडिय़ां ध्वस्त कर दी गईं। यहां छोटे-छोटे बच्चों की संख्या काफी थी। सब के सब अपनी टूटती झोपड़ी से सामान बचाने में लगे रहे। दूसरी तरफ बुलडोजर चलने के पहले ही हड़ताली मोड़ से पाटलिपुत्र पानी टंकी के बीच रेलवे लाइन से खटाल स्वत: हट गए। एक भी मवेशी नहीं मिला।

कब्जा हटाने पहुंची टीम को झोपडिय़ां खाली करते लोग मिले। झोपडिय़ों से समान निकालने के लिए प्रशासन ने समय दिया और झोपडिय़ों को तोड़ते हुए बुलडोजर आगे बढ़ते गया। बेली रोड से सटे क्षेत्र में बड़ी संख्या में झोपडिय़ों को चार-चार बुलडोजर ने कुछ ही देर में ध्वस्त कर दिया।

शाम पांच बजे तक अतिक्रमण हटाओ अभियान पाटलिपुत्र पानी टंकी के कुछ पहले समाप्त हो गया। शिवपुरी के पास सड़क नाला और उसके बाद झोपडिय़ां मिलीं। इसके बीच भी बुलडोजर चला गया और सभी झोपडिय़ों को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण हटाओ अभियान में एसडीएम सुहर्ष भगत, सहायक जिला दंडाधिकारी तनय सुलतानिया, डीसीएलआर शशि शेखर, अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा आदि मौजूद थे।

सब्जी मंडी हो गई ध्वस्त

शिवपुरी सब्जी मंडी के पास बुलडोजर पहुंचते ही सब्जी विक्रेताओं में भगदड़ मच गई। कुछ ही देर में सभी विक्रेता सब्जी लेकर भाग निकले। बुलडोजर से सब्जी मंडी को ध्वस्त कर दिया गया। 

आज पानी टंकी से आगे चलेगा अभियान

पाटलिपुत्र पानी टंकी से राजीव नगर के बीच गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलेगा। इस बीच बड़ी संख्या में खटाल हैं। जिला प्रशासन ने खटालों के मवेशी को पकड़कर वेटनरी कॉलेज में ले जाने की व्यवस्था की है। मवेशी को पकड़ लेने की तैयारी है, हालांकि बुधवार को चले अभियान में एक भी मवेशी नजर नहीं आया।

अतिक्रमणकारी कोई भी हो, नहीं छोड़ा जाएगा : एसडीएम

पटना सदर अनुमंडल के एसडीएम सुहर्ष भगत ने कहा कि अतिक्रमणकारी कोई भी हो, उसको छोड़ा नहीं जायेगा। तोड़ दिया जाएगा। झोपडिय़ां हो या पक्का के मकान हो। जल्द से जल्द हटा लें।

मलबे को हटाने ट्रैक्टर के साथ उतरे निगमकर्मी

मलवे को हटाने के लिए नगर निगम के कर्मी मलवे को उठाने के लिए उतर गए हैं। मलवे को हटाने का कार्य प्रारंभ हो गया है।

हमें कोई बताए, हम कहां रहेंगे

बेलीरोड से सटे रेलवे लाइन पर झोपड़ी में रहने वाली रीता देवी दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर हो गई। सवाल पूछती है कि हमें कोई बताए, कि कहां बच्चों को लेकर रहूंगी। सास और पति के साथ सब्जी बेचने का कार्य करती हूं। सास आशा देवी बताती हैं कि 1975 से झोपड़ी बनाकर रह रही हूं। अब तक तय नहीं हो पाया है कि कहां रहकर सब्जी बेचने का कार्य करना है।

बंटी अपनी बहन के साथ झोपड़ी से सामान निकालते मिला। भाई-बहन सामान बचाने में जुटे हैं। कई छोटे-छोटे बच्चे खेलकूद में व्यस्त हैं। बंटी बताता है कि ठहरने की जगह तलाश लिए हैं। पुनाईचक रेलवे क्रासिंग के पास छोटे-छोटे बच्चों की संख्या काफी थी। सब के सब टूटती झोपड़ी को देखने का आनंद लेते नजर आए। उन्हें यह पता भी नहीं चल पा रहा था कि उनका घर टूट गया।