
अलीगढ़ के जिला अस्पताल में रात भर बुखार से तपती देह के बच्चे को लेकर बैठा रहा परिवार, नहीं मिल सका उसे उपचार, जिला अस्पताल के चिकित्सकों का नहीं पसीजा मन, इमरजेंसी पर दिखाने आए बच्चे के परिजनों को ओपीडी में दिखाने की देदी सलाह, दूर दराज से आने के कारण रात भर दिन निकलने का करते रहे इंतजार, ओपीडी में भी नहीं मिल सका उपचार तो चले गए बच्चे को लेकर परिजन, गभाना तहसील के सोमना से आये थे परिजन उपचार हेतु जिला अस्पताल।
वीओ –आपकी टेलीविजन स्क्रीन पर दिखाई दे रहा है यह परिवार अलीगढ़ के जिला अस्पताल इमरजेंसी के बाहर सड़क पर बैठा हुआ है, इस परिवार से जब इस तरह से बैठने की वजह पूछी गई तो योगी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठते दिखे,,,,,, दरअसल इन लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यह परिवार अलीगढ़ की तहसील गभाना इलाके के सोमना का है परिजनों की गोद में बैठा यह बच्चा पिछले 2 दिन से बुखार में तड़प रहा है कई जगह दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ देर रात इसकी हालत और बिगड़ गई तो आनन-फानन में रात करीब 2:00 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर बच्चे को उपचार हेतु ले आए, लेकिन इन लोगों ने जिस तरह से अपनी आपबीती बयान की है उसने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकों की मानसिकता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, इनका कहना है कि रात को जब यह लोग जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर पहुंचे तो उन्होंने बच्चे को ठीक से देखा भी नहीं,,, परिवार के लोगों ने जब भर्ती करने के लिए कहा तो बैड खाली ना होने का हवाला दे डाला,,, और कह दिया कि सुबह ओपीडी में दिखाना,,,,, दूर दराज से आने के कारण परिवार बुखार से तप रही देह के बच्चे को लेकर खुले आसमान के नीचे जिला अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर सड़क पर बैठा रहा,,, रात कैसे भी काट ली,,,, जब ओपीडी का समय हुआ तो वह इलाज हेतु ओपीडी में गए लेकिन वहां भी संतोषजनक उपचार ना मिलने के कारण परिवार हताश हो गया,,,,बच्चे को भर्ती करने से इनकार कर दिया,,,तो हताश परिवार अस्पताल में बैठकर यही सोच रहा था कि आखिर वह अब जाए तो कहां जाए,,,, बच्चे के परिजनों का कहना है कि यहां भी पैसे वालों की देखरेख होती है गरीबों की कोई नहीं सुनता,,,, आखिर वह बच्चे के उपचार हेतु जाएं तो कहां जाएं,,,, कहीं से भी कोई फायदा नहीं मिल रहा है,,,,हालांकि कुछ समय अंतराल के बाद सभी लोग बच्चे को लेकर वहां से चले गए,,,,,!! सवाल यह उठता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर हर जिले में करोड़ों खर्च कर रही है उसके बावजूद भी यह सब देखने को मिलता है।