
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बाणसागर व वाल्मिकीनगर बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण सूबे की नदियां उफान पर हैं। कई जिलों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। 
कई जिलों में बाढ़ का खतरा
बक्सर, गोपालगंज, वैशाली, आरा, पटना से लेकर कटिहार तक कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बक्सर में तो एक ओर कर्मनाशा उफान पर हैं वहीं गंगा भी खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे है। वहीं वाल्मिकीनगर बराज से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यहां के निचले इलाकों में पानी भर गया है।
बक्सर में बांध की सतह के करीब पहुंचा पानी
सोमवार सुबह से जलस्तर में जारी वृद्धि देर रात से तेज हो गई। मंझरियां और उमरपुर के बीच बांध की सतह के करीब पानी पहुंच गया है। गंगा की विकराल स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया।
केंद्रीय जल आयोग के कनीय अभियंता कन्हैया कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह तीन बजे से जलस्तर बढऩे की रफ्तार तीन सेमी प्रति घंटा है। ये सुबह 6 बजे से पुन: घटकर एक सेमी हो गई। बक्सर में अपराह्न तीन बजे 59.81 मीटर है। यहां खतरे का निशान 60.32 मीटर है। यहां बनारपुर के दर्जनों घरों में पानी समा गया था।
इलाहाबाद से वाराणसी तक बढ़ा जल-स्तर
बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता एजाज कलीम ने बताया कि इलाहाबाद से वाराणसी तक अभी भी पानी लगातार बढ़ रहा है। इलाहाबाद में रफ्तार आज थोड़ी कम हो गई है। उधर, वाराणसी में अभी समान गति से पानी बढऩे की सूचना है।