
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम (मनरेगा) की परिसंपत्तियों को जियो टैगिंग में पूरे देश में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए केंद्र सरकार मंगलवार चतरा जिला को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया। केंद्रीय ग्रमाीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्थानीय उप विकास आयुक्त मुरली मनोहर प्रसाद और खान निदेशक सह तत्कालीन उप विकास आयुक्त जीशान कमर को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया।
दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मनरेगा के वार्षिक समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया। पुरस्कार के रूप में उन्हें प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र दिया गया है। मनरेगा योजनाओं की परिसंपत्तियों को इसरो द्वारा विकसित एप के माध्यम से जियो टैगिंग में चतरा जिले को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यह पुस्कार मिला है। गत वित्तीय वर्ष चतरा जिले ने जियो टैगिंग में पूरे देश में पहला स्थान पर रहा है।
दूसरे स्थान पर उत्तराखंड का चंपावत और तीसरे स्थान पर उड़ीसा का बौद्ध जिला रहा है। अधिकारियों ने बताया कि परिसंपत्तियों की जियो टैंगिग चतरा जिले में वर्ष 2015-16 में शुरू हुई थी। इस बीच, वित्तीय वर्ष 2017-18 तक करीब चालीस हजार योजनाओं की परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग की गयी, जो पूरे देश में एक कीर्तिमान है। यह उपलब्धि तत्कालीन उप विकास आयुक्त जीशान कमर के कार्यकाल की है। करीब तीन महीने पूर्व उनका यहां से स्थानांतरण हो गया। उन्हें खान निदेशक के रूप में पदस्थापित किया गया और उनके स्थान पर मुरली मनोहर प्रसाद को यहां का उप विकास आयुक्त बनाया गया। यही कारण है कि केंद्र ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तत्कालीन और वर्तमान दोनों उप विकास आयुक्त को पुरस्कार के लिए बुलाया था।
चतरा के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। चूंकि उपेक्षित और घोर उग्रवाद प्रभावित जिला होने के बाद भी मनरेगा की परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना साधारण बात नहीं है। उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने प्रथम पुरस्कार के लिए तत्कालीन और वर्तमान उप विकास आयुक्त को बधाई दी है। उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि जिले के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए अधिकारी और कर्मी दोनों बधाई के पात्र हैं