उत्‍तर कोरिया ने फि‍र दुनिया को दिखाई अपनी ताकत..

परमाणु संपन्न उत्तर कोरिया ने रविवार को सैन्य ताकत दिखाने के साथ अपनी वर्षगांठ मनाई.रविवार को तड़के हजारों सैनिकों को लेकर सैकड़ों ट्रक प्योंगयांग नदी के किनारे पहुंचे. जनवादी लोकतांत्रिक कोरिया गणराज्य की स्थापना 1948 में हुई और रविवार को वह अपनी 70वीं वर्षगांठ मना रहा है. इसे आधिकारिक तौर पर उत्तर कोरिया कहा जाता है.उत्‍तर कोरिया ने फि‍र दुनिया को दिखाई अपनी ताकत

टैंकों और विमानों का प्रदर्शन किया
उत्तर कोरिया ने अपनी स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ पर रविवार को सैन्य परेड निकाली, लेकिन वह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रदर्शन से बचा. ये मिसाइलें अमेरिका के मुख्य भूभाग तक मार करने में सक्षम हैं. प्योंगयांग के मध्य में किम जोंग उन के समक्ष जवानों, तोपों और टैंकों का प्रदर्शन किया गया. परेड में दिखाई गई सबसे बड़ी मिसाइलें छोटी दूरी की बैटलफील्ड डिवाइसेस थी.

अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों को नहीं दिखाया
वॉशिंगटन में थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के इवांस रीवेरे ने कहा, ‘‘उत्तर कोरिया में वर्षगांठ महत्वपूर्ण होती है और इस साल वाली भी अहम है. ये अवसर नेताओं के लिए उपलब्धियों और राष्ट्रीय शक्ति को प्रदर्शित करने तथा उन्हें श्रेय देने का मौका होता है.’’ सबसे पहले सैनिकों की पहली टुकड़ी ने किम द्वितीय सुंग स्क्वायर से होकर मार्च किया. और साथ ही टैंकों और विमानों का प्रदर्शन किया. हालांकि पहले अंदेशा जताया गया था कि उत्‍तर कोरिया इस दौरान अपनी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों को भी दिखाएगा, लेकिन वह ऐसा करने से बचा.

इस बार शायद रॉकेटों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा
विश्लेषकों का पहले कहना था कि इस बार शायद रॉकेटों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा. कोरिया रिस्क ग्रुप के एंड्री लंकोव ने कहा, ‘‘अगर वे आईसीबीएम दिखाते हैं तो यह बड़ा उकसावा होगा और यह अमेरिका के चेहरे पर थप्पड़ होगा.’’ हालांकि उन्हें ऐसा होने की उम्मीद नहीं है खासतौर से इससे वहां आमंत्रित चीनी प्रतिनिधिमंडल के लिए मुसीबतें पैदा हो जाएगी.

अमेरिका को मिला किम जोंग-उन का पत्र
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को वह पत्र प्राप्त हुआ है, जिसके बारे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से ऐसा पत्र मिलने की अपेक्षा थी. विदेश विभाग के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि पोम्पिओ के पास वह पत्र है. अभी तत्काल यह स्पष्ट नहीं है कि यह ट्रंप को दिया गया है कि नहीं.

किम का यह हालिया बयान ‘‘बहुत सकारात्मक’’ था- ट्रंप
पोम्पिओ शुक्रवार को भारत से लौटे. ट्रंप शुक्रवार को मोंटेना और डकोटा में थे और देर से व्हाइट हाउस लौटे. ट्रंप ने कहा है कि किम का यह हालिया बयान ‘‘बहुत सकारात्मक’’ था कि वह ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करना चाहते हैं.