पत्रकार को हृदयघात: ICU में बीमार पत्रकार से भेंटवार्ता

सवाल – क्या आप किसी बड़े दबाव मे थे ?
जवाब- नहीं, मुझे आज सदमें से हृदयघात पड़ा।

सवाल – किस बात का सदमा ?
जवाब- धारा 377 समाप्त होने का सदमा।

सवाल – इससे आपको क्यों सदमा पंहुचा?
जवाब- मत पूछिए। ये हमारे प्रोफेशन पत्रकारिता से जुड़ा मामला है।

सवाल- तो ये समझा जाये कि आफिस में बाॅस आपका शारीरिक शोषण करता था और आप नौकरी बचाने के लिए ये सब सहते थे। पहले आप मजबूरी में सहमति व्यक्त करते थे और आपका बाॅस छिप छिपाकर आपका शारिरिक शोषण करता था। धारा 377 समाप्त होने के बाद अब खुलेआम डंके की चोट पर आपका बाॅस आपके साथ संबंध बनायेगा!

जवाब- नहीं भाई, ऐसा कुछ नहीं है। आप गलत दिशा में जा रहे हैं।

सवाल- तो फिर धारा 377 समाप्त होने से आपको ह्दय घात क्यों पड़ा ?

जवाब – चलिए आप मेरे ह्दयघात का कारण जानने के लिए इतना बेकरार हैं तो बता देता हूं- मैंने अपने कॅरियर का सबसे बड़ा स्टिंग ऑपरेशन किया था। 6-7 महीने से लगा था। खूब मेहनत की और रिस्क लिया । कल खबर फ्लैश होना थी, जिसका शीर्षक था- “सत्ताधारी का अनैतिक कारनामा”। और अब अनैतिक को नैतिक बताकर क्या ख़ाक खबर फ्लैश करेंगे !