
परिषदीय स्कूलों की शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा की मूल्यांकन प्रणाली तार-तार हो गई है। जो अभ्यर्थी परीक्षा के परिणाम में महज 22 अंक पाकर फेल हुआ, उसकी उत्तर पुस्तिका में 122 अंक दर्ज मिले हैं, वहीं, दूसरा अभ्यर्थी जो 19 अंक पाकर फेल हुआ था, उसे भी कॉपी पर 98 अंक मिले हैं। अब तक तीन अभ्यर्थियों का प्रकरण खुल चुका है और तीनों ही लिखित परीक्षा में अनुत्तीर्ण थे, जबकि कॉपी में वे सभी उत्तीर्ण हो रहे हैं।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने मंगलवार को लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले दो अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका दी हैं। उसमें अंबेडकर नगर के ओबीसी के अंकित वर्मा और एससी के अभ्यर्थी मनोज कुमार शामिल हैं। अंकित को परीक्षा के परिणाम में 22 अंक मिले थे, जबकि उसकी उत्तर पुस्तिका में 122 अंक दर्ज मिले।
ऐसे ही मनोज को रिजल्ट में 19 अंक मिले हैं, जबकि उत्तर पुस्तिका में 98 अंक दर्ज हैं। यह देखकर दोनों हैरान रह गए। असल में परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे गए थे और हर प्रश्न एक नंबर का था। दोनों अभ्यर्थी परिणाम में अनुत्तीर्ण थे लेकिन, कॉपी पर उम्दा अंक अर्जित किया है। इन दोनों के प्रकरण की सुनवाई छह सितंबर को हाईकोर्ट में होनी है।
यह था मामला
परिषद के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा 27 मई को प्रदेश के मंडल मुख्यालयों पर कराई गई। उसमें करीब एक लाख सात हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। परिणाम 13 अगस्त को जारी हुआ जिसमें 41556 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। रिजल्ट आने के बाद से अभ्यर्थी मूल्यांकन पर सवाल उठा रहे थे। उन सभी ने इस संबंध में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में शिकायत की है। करीब ढाई हजार ने दो हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करके परीक्षा की स्कैन कॉपी मांगी है। उत्तर पुस्तिका मिलने में देरी होने पर अनेक अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे हैं। कोर्ट ने अंकित व मनोज की उत्तर पुस्तिका दस दिन में देने का निर्देश दिया था।
सोनिका का प्रकरण खुल चुका
भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल होने वाली एससी की सोनिका देवी ने भी परीक्षा नियामक कार्यालय से स्कैन कॉपी हासिल की थी और उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट के निर्देश पर जांच में सामने आया कि बार कोड गलत डाला गया। उसकी मूल कॉपी अभी मिली नहीं है लेकिन, उसे नियुक्ति की काउंसिलिंग में शामिल कराने को कहा गया है। उन्नाव बीएसए को निर्देश जारी हो चुका है।
सभी प्रकरणों की चल रही जांच
परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कम अंक मिलने का दावा किया, उन सभी की जांच चल रही है। ये दोनों प्रकरण उसी जांच का हिस्सा हैं। मूल्यांकन राजकीय कालेजों के शिक्षकों ने किया है, रिपोर्ट जल्द आएगी।