
13 साल की ‘दंगल गर्ल’ रोजी ने हजारों लोगों के बीच 20 साल के पहलवान को ओपन चैलेंज देकर सबको सकते में डाल दिया। पहले तो लोगों ने इसे मजाक समझा, लेकिन जब वह जिद्द करने लगी तो पहलवान अखाड़े में उतर गया। देखते ही देखते रोजी ने पहलवान को धूल चटा दी। मौका था श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाले गुग्गा जाहिर पीर के छिंज मेले का, जहां सूबे भरे के नामवर पहलवान अपनी ताकत का लोहा मनवाने आते हैं।
दंगल के दौरान अचानक भीड़ से एक 13 साल की लड़की निकली और उसने सभी लोगों को खुला चैलेंज किया कि कोई भी आकर उससे कुश्ती कर सकता है। 13 साल की लड़की के चैलेंज ने सभी को हैरान कर दिया। लड़की के चैलेंज को तो पहले लोगों ने मजाक समझा, लेकिन बार-बार उसके ललकारने पर एक 20 वर्षीय पहलवान आगे आया। उसने रोजी का चैलेंज स्वीकार कर लिया। दोनों की कोई बराबरी नहीं थी।
दंगल देख रहे लोगों को लगा चैलेंज लेने वाला युवक कुछ सेकेंडों में ही लड़की को हरा कर वापस आ जाएगा, लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा। पहले दांव में युवक को एहसास हो गया कि उसने चुनौती स्वीकार कर गलती कर ली है। इसके बाद वह डिफेंसिव हो गया। इससे कुश्ती दस मिनट तक चलती रही, लेकिन रोजी ने युवा पहलवान को धूल चटा दी। 13 साल की लड़की के इस कारनामे ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।
पहले तो लोगों को भी नहीं विश्वास हो रहा था कि लड़की ने ट्रेंड पहलवान को धूल चटा दी। लड़की के इस कारनामे से तालियों की गडग़ड़ाहट काफी देर तक होती रही। फिर खुलासा हुआ कि लड़की काठगढ़ के धार्मिक स्थान बाबा सखी राम टिब्बी अखाड़े के सेवादार काले शाह की बेटी रोजी है।
काले शाह खुद एक पहलवान हैं और रोजी को पिछले काफी समय से ट्रेंड कर रहे थे। उनके अखाड़े में बहुत से पहलवान ट्रेनिंग लेने आते हैं। रोजी अभी सातवीं कक्षा पढ़ती है। काले खान ने बताया कि यह उसका पहला दंगल था, जिसमें उसने अपनी बेटी को उतारा है। उन्हें उसकी प्रतिभा पर विश्वास था। इसी वजह से रोजी ने दंगल में उतरकर सभी को खुला चैलेंज दे डाला। रोजी को वह पहलवानी के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहते हैं, इसलिए उसे इसकी ट्रेनिंग दी है।
रोजी ने कहा कि उसे विश्वास था कि वह अपने दांव से सामने वाले पर भारी पड़ेगी। इसलिए वह घबराई नहीं और दंगल को जीत लिया। वह पहलवानी के क्षेत्र में नाम कमाना चाहती है। उसकी एक एक छोटी बहन है और एक भाई भी है।