
उत्तराखंड में डंगू का डंक गहराने लगा है। ऋषिकेश के चौदह बीघा में किराये के मकान में रहने वाले एक युवक की डेंगू से मौत हो गई है। इससे स्वास्थ्य महकमें भी भी हड़कंप मचा है। 
मूल रूप से जनपद पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला युवक ऋषिकेश में रहकर ड्राइवर का काम करता था। बीती 28 अगस्त को उसे जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र का दौरा किया।
नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लगातार फॉगिंग कराने और लार्वानाशक का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला वीबीडी अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि पौड़ी के एक गाव का 38 वर्षीय युवक 28 अगस्त को अस्पताल में भर्ती हुआ था। एलाइजा जाच कराने पर मरीज को डेंगू की पुष्टि हुई थी।
अस्पताल से मंगलवार सुबह मिली रिपोर्ट के मुताबिक 29 अगस्त को उसकी मौत हो गई। अस्पताल में उसने पौड़ी का पता लिखवाया था, जबकि वह ऋषिकेश के चौदह बीघा में परिवार के साथ किराये पर रहता था। यह मामला सामने आने पर उन्होंने टीम के साथ क्षेत्र का दौरा किया। मृतक के मकान पर ताला लगा मिला। आसपास पूछताछ की तो पता चला कि मृतक का परिवार अपने गांव चला गया है।
ऐसे में पौड़ी में भी विभागीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। ऋषिकेश में जिस क्षेत्र में वह रह रहा था, वहां लार्वा नहीं मिला है। क्षेत्र के लोगों को पानी जमा न होने देने और किसी को भी बुखार आने पर सरकारी अस्पताल में जाच कराने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र टिहरी जनपद का है। फिर भी स्थानीय स्तर पर नगर पालिका ऋषिकेश और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है।
रुड़की दो और लोगों में मिले डेंगू के लक्षण
पाडली गांव में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मंगलवार को एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने घर-घर जाकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया। इस दौरान डेंगू के दो और मामले प्रकाश में आए। जबकि 10 से अधिक लोग बुखार से पीडि़त मिले। जिन्हें डेंगू की जांच कराए जाने को कहा गया है। इस दौरान आठ घरों से डेंगू का लारवा मिला। जिसे टीम ने नष्ट करा दिया है।
पाडली गांव में डेंगू के प्रकोप को देखते हुए जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव में पहुंची। टीम पहले उन घरों में पहुंची, जिनमें डेंगू के लक्षण मिले थे। टीम ने डेंगू पीडि़त मरीजों के परिजनों को डेंगू के प्रति जागरूक किया। उनके घरों में कूलर, फ्रिज और गमलों आदि में डेंगू का लार्वा मिला।
जिसे टीम ने नष्ट करा दिया। टीम ने घर-घर जाकर लोगों डेंगू के प्रति जागरूक किया। साथ ही जागरूकता को लेकर पंपलेट आदि भी बांटे। मस्जिद से डेंगू के प्रति जागरूकता को लेकर ऐलान भी कराया गया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम ङ्क्षसह ने बताया कि सोएबा नाम की युवती और वकार नाम के युवक में डेंगू के लक्षण मिले हैं। इसके अलावा करीब 10 लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं। इन सभी को सिविल अस्पताल में डेंगू की जांच कराए जाने को कहा गया है। आठ घरों में डेंगू लार्वा मिला है। जिसे नष्ट करा दिया गया है।
डेंगू से बचाव को हरकत में आया नगर निगम
डेंगू से बचाव को लेकर देहरादून नगर निगम हरकत में आ गया है। नगर आयुक्त विजय जोगदंडे के निर्देश पर शहर के सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान फागिंग के साथ ही घास कटाई, नालियों की सफाई व कूड़ा उठान का कार्य किया गया।
अपर नगर आयुक्त नीरज जोशी व वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरके सिंह के निर्देशन में चले अभियान में कूड़ा खुले में फेंकने और पॉलीथीन के इस्तेमाल पर 136 लोगों के चालान कर 16 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
आइएसबीटी से घंटाघर मॉडल रोड पर भूमि अनुभाग की टीम ने करीब 600 अवैध बैनर व पोस्टर भी हटाए। अपर आयुक्त ने बताया कि कुल 25 क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर सफाई की गई। इस दौरान सड़क पर आवारा भटक रहे चार गोवंश को कांजी हाउस भी भेजा गया।
डेंगू-बरतें एहतियात
इस समय लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में डेंगू का लार्वा पनपने से पहले ही नष्ट हो जाता है। लेकिन यदि बारिश रुकने के साथ ही धूप निकलती है तो एक बार फिर डेंगू का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे एहतियात बरतने की जरूरत है।