झमाझम बरसात से तरबतर राजधानी

दो-तीन दिनों से मेहरबान मानसूनी बादल मंगलवार को भी खुलकर बरसे। घने बादलों का घेरा इतना घना रहा कि थोड़े देर के लिए दिन ढलने का अहसास होने लगा। आधे घंटे तक आकाशीय बिजली की गड़गड़ाट के साथ हुई झमाझम बारिश से थोड़े समय के लोग सहम गये। बरसात ने उमसभरी गर्मी से राहत दी। हालांकि नीचले इलाकों में जलभराव से लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी। मौसमविदों का कहना है कि अगले 24 घंटे के दौरान तेज बारिश हो सकती है।दो-तीन दिनों से मेहरबान मानसूनी बादल मंगलवार को भी खुलकर बरसे। घने बादलों का घेरा इतना घना रहा कि थोड़े देर के लिए दिन ढलने का अहसास होने लगा। आधे घंटे तक आकाशीय बिजली की गड़गड़ाट के साथ हुई झमाझम बारिश से थोड़े समय के लोग सहम गये। बरसात ने उमसभरी गर्मी से राहत दी। हालांकि नीचले इलाकों में जलभराव से लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी। मौसमविदों का कहना है कि अगले 24 घंटे के दौरान तेज बारिश हो सकती है।   पिछले दो-तीन दिनों से बादलों की आवाजाही से कहीं-कहीं हल्की बारिश तो कहीं फुहारें पड़ रहीं थीं। लेकिन मंगलवार को आसमान बादलों से भर गया। इसके साथ तेज बारिश होने से थोड़ी देर के लिए अंधेरा छा गया। आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश होती रही। इस दौरान चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़कती रही। उधर बारिश से मौसम खुशगवार हो गया,अधिकतम तापमान 32.2 औरन्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि नमी अधिकतम 92 और न्यूनतम 89 फीसद रही। वहीं 24 मिली बारिश रिकार्ड हुई।  मौसम विज्ञानीयों का कहना है कि मध्य उप्र के ऊपर बने चक्रवाती हवा के दबाव और ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर शिफ्ट होने से 24 घंटे के दौरान तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली,उत्तराखंड, पश्चिमी उप्र और नेपाल से सटे उप्र के हिस्सों में हैवी रेन हो सकती है। इसके अलावा 6 सितम्बर को एक और लो प्रेशर एरिया बनने से थोड़ी बहुत बारिश के साथ यह क्रम 10-11 सितम्बर तक जारी रह सकता है। 5,6 व 7 सितम्बर में कहीं-कहीं हल्की बूदाबांदी की संभावना है।

पिछले दो-तीन दिनों से बादलों की आवाजाही से कहीं-कहीं हल्की बारिश तो कहीं फुहारें पड़ रहीं थीं। लेकिन मंगलवार को आसमान बादलों से भर गया। इसके साथ तेज बारिश होने से थोड़ी देर के लिए अंधेरा छा गया। आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश होती रही। इस दौरान चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़कती रही। उधर बारिश से मौसम खुशगवार हो गया,अधिकतम तापमान 32.2 औरन्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि नमी अधिकतम 92 और न्यूनतम 89 फीसद रही। वहीं 24 मिली बारिश रिकार्ड हुई।

मौसम विज्ञानीयों का कहना है कि मध्य उप्र के ऊपर बने चक्रवाती हवा के दबाव और ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर शिफ्ट होने से 24 घंटे के दौरान तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली,उत्तराखंड, पश्चिमी उप्र और नेपाल से सटे उप्र के हिस्सों में हैवी रेन हो सकती है। इसके अलावा 6 सितम्बर को एक और लो प्रेशर एरिया बनने से थोड़ी बहुत बारिश के साथ यह क्रम 10-11 सितम्बर तक जारी रह सकता है। 5,6 व 7 सितम्बर में कहीं-कहीं हल्की बूदाबांदी की संभावना है।