बादल भगोड़े, इसलिए उनका घर से निकलना हुआ मुश्किल: सिद्धू

स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंथ के नाम पर 40 साल पंजाब व सिख कौम तबाह करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और शिरोमणि अकाली के प्रधान सुखबीर बादल विधानसभा में सच का सामना नहीं कर सके। दोनों भगोड़े हैं, यही वजह है कि अब उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सिद्धू यहां एपीजे स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

सिद्धू ने बादल परिवार पर प्रहार करते हुए कहा कि विधानसभा में इनके पास केवल 13 सीटें ही बची हैं और भविष्य में यह भी नहीं रहेंगी। अकाली दल के प्रतिनिधि यह कह रहे हैं कि बेअदबी मामले में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में किसी को दोषी नहीं बताया गया।

उन्होंने सवाल किया कि यदि रिपोर्ट में किसी को दोषी नहीं बताया गया, तो वे बहस में हिस्सा लेने से क्यों भागे। उन्होंने कहा कि बादल ने मुख्यमंत्री रहते हुए उस समय के डीजीपी सुमेध सैनी को आधी रात को फोन क्यों किया था? यह बातें उन्हें सदन में खड़े होकर बतानी चाहिए थी कि उन्होंने सैनी के साथ आधी रात को क्या बात की थी। सिद्धू ने कहा कि आधी रात को बात करने का खुलासा खुद अपने बयान में डीजीपी सुमेध सैनी कर चुके हैं।

सिद्धू ने कहा कि प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री सुखबीर बादल यह बताएं कि उन्होंने बेअदबी के मामले में क्या कार्रवाई की थी। श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के बारे में पूछे गए सवाल के बारे में उन्होंने कहा कि एफआइआर तो दस साल बाद भी दर्ज हो सकती है। वैसे भी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में इस मामले की जांच के लिए समय सीमा तय कर दी है और इसके लिए पंजाब पुलिस पूरी तरह सक्षम है। सीबीआइ जांच के सवाल पर सिद्धू ने कहा कि सीबीआइ ने तो केंद्र के कहने पर ही चलना है।

सिद्धू बोले-करतारपुर कॉरिडोर को लेकर उम्मीदें बरकरार

स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के साथ करतारपुर साहिब के कॉरिडोर को लेकर कोई न कोई बात जरूर सिरे चढ़ेगी। सिद्धू ने कहा कि यदि दोनों देशों के सरहद पर लगे ताले खुलते हैं तो इस का आम लोगों के जीवन पर अच्छा असर पड़ेगा, और दोनों पक्ष आर्थिक तौर पर मजबूत होंगे।