
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा। डीएम अगर इस अभियान में रुचि लें तो स्वच्छ भारत मिशन को कामयाब बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लास्टिक व थर्मोकोल से बनी क्रॉकरी पर रोक के आदेश को सख्ती से लागू करें। वे शुक्रवार रात जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
सीएम ने शौचालय निर्माण में अच्छा कार्य करने वाले जिलों की सराहना और पिछड़े जिलों को लक्ष्य हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में धीमी प्रगति पर उन्होंने श्रावस्ती, फतेहपुर, जौनपुर, आजमगढ़, सीतापुर व गोंडा के डीएम को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश में पॉलिथीन पर रोक संबंधी आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। कहा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज राजेंद्र तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में 2.39 करोड़ से अधिक परिवारों को इज्जतघर मुहैया कराए जा चुके हैं। शौचालय निर्माण में प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर है।
अब तक शामली, हापुड़, बिजनौर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, इटावा एवं सहारनपुर को खुले में शौचमुक्त घोषित किया गया है। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 18 मंडलों के कुल 12,007 वार्डों में से 10,727 को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।