BJP प्रदेश अध्यक्ष ने सेकुलर मोर्चा को लेकर कहा कुछ ऐसा…

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल को उपलब्धियों वाला बताया। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में फतह बड़ी उपलब्धि रही। सत्ता व संगठन में समन्वय स्थापित हुआ। कार्यकर्ताओं को भरोसा हुआ कि संगठन को उनके मान-सम्मान की चिंता है।

सरकार को जनता के दरवाजे पहुंचाने का संकल्प भी काफी हद तक साकार हुआ। हालांकि चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं लेकिन कार्यकर्ताओं के परिश्रम और जनता के समर्थन से इनसे पार पा लेंगे।

लोकसभा चुनाव में गठबंधन के कारण बनने वाले समीकरणों से निपटने के सवाल पर बोले, गठबंधन भाजपा का रास्ता रोक नहीं पाएगा। चुनाव आते-आते इसमें शामिल दलों के नेताओं के दिल की गांठें गठबंधन को बिखरा देंगी। शिवपाल का सेकुलर मोर्चा इसका उदाहरण है। पांडेय शुक्रवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।

सपा मुखिया अखिलेश यादव के इस आरोप पर कि मोर्चा बनवाने में भाजपा का हाथ है, डॉ. पांडेय ने कहा कि चाचा-भतीजे के झगड़े से हमारा कोई लेना-देना नहीं। शिवपाल जमीनी नेता हैं। उन्होंने सपा को खड़ी करने में मुलायम सिंह यादव के साथ काफी मेहनत की है। अखिलेश को तो मुलायम के पुत्र होने के नाते विरासत में सब कुछ मिला। शिवपाल के भाजपा से मिलने के सवाल पर कहा, एनडीए अपने आप में मोर्चा है। नए मोर्चे की जरूरत नहीं है।

‘संविधान बनाने वालों में 70 प्रतिशत अगड़े और पिछड़े ही थे’

एससी-एसटी एक्ट की बहाली और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी के कानून से अगड़ों और पिछड़ों में नाराजगी पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संविधान बनाने वालों में 70 प्रतिशत अगड़े और पिछड़े ही थे।

उन्होंने ही समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े और उपेक्षित लोगों को बराबरी का दर्जा देने को दलितों के लिए विशेष प्रावधान किए। आरक्षण का अधिकार दिलाया। रही बात एक्ट की, तो भाजपा पहले ही कह चुकी है कि किसी का अकारण उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।