ट्रैवेल मार्ट-2018: देशी और विदेशी टूर आपरेटर्स के लिए कुंभ मेला एक मौका

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जनवरी में वाराणसी में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन के पूर्व 192 देशों के राजनयिक कुंभ देखने इलाहाबाद आएंगे। इसके लिए उनको आमंत्रण भेजा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि देश के सभी छह लाख गांवों से भी कम से कम एक-दो लोगों का कुंभ में प्रतिनिधित्व हो।

सोमवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उप्र ट्रेवेल मार्ट-18 के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि पर्यटन के विकास के लिए उप्र बेहतरीन संभावना है। राम, कृष्ण, बुद्ध के अलावा यह सूफी संतों की धरती है। काशी, मथुरा, अयोध्या, नैमिषारण्य और शक्तिपीठों के नाते यहां धार्मिक एवं अध्यात्मिक, दुधवा और सोनभद्र जैसी जगहों की वजह से इको टूरिज्म और बुंदेलखंड में हेरिटेज टूरिज्म के विकास की असीम संभावनाएं हैं।

बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और कुशीनगर से हवाई सेवा शीघ्र

पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसी विविधता दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। हमें मिलकर इसे पर्यटकों का सबसे पसंदीदा बनाना होगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा है कि देशी और विदेशी पर्यटकों के आवक के मामले में उत्तर प्रदेश का देश में क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान है। इसे नंबर एक पर लाना है।

पर्यटन विकास निगम की प्रबंधक निदेश सी इंदुमति ने कुंभ की तैयारियों के बारे में एक प्रस्तुतीकरण दिया। प्रतीक हीरा ने आभार जताया। कार्यक्रम को आयोजक संस्था फिक्की के महामंत्री दिलीप चेनॉय, फिक्की के निवर्तमान चेयरमैन एलके झुनझुनवाला ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में 23 विदेशी और 18 देशी टूर आपरेटर्स के अलावा बड़ी संख्या में होटल उद्योग के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे।

स्प्रिचुअल और वेलनेस टूरिज्म पर गोष्ठी सितंबर में

फेडरेशन आफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन आफ इंडिया (एफएचआरएआइ) के अध्यक्ष गरीश ओबेरॉय ने कहा कि अगले साल आयोजित होने वाले कुंभ को ध्यान में रखते हुए सितंबर में यहां स्प्रिचुअल और वेलनेस टूरिज्म पर कार्यशाला होगी।