
लखनऊ। पहाड़ और मैदान में हो रही बारिश से प्रदेश में तबाही मच रही है। सोमवार को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बूंदाबांदी हुई तो कहीं हल्की बारिश। नदियां लाल निशान के ऊपर प्रवाहित हो रही हैं। इससे तटवर्ती इलाकों में दहशत है। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है तो कई जगहों पर मकान गिरे। पुलिया और सकड़ें टूट गईं, जिससे संपर्क टूट गया है। रपटे में तेज बहाव में एक व्यक्ति की डूबकर मौत हो गई।
बदायूं के सहसवान इलाके में मेरठ हाईवे स्थित निर्माणाधीन पुलिया में अाज सुबह तड़के करीब 5: 00 बजे सवारियों को लेकर दिल्ली से बदायूं लौट रही रोडवेज बस अनियंत्रित होकर पुलिया पर फंस गई चालक की लापरवाही के चलते बस में सवार यात्रियों की जान सांसत में पड़ गई गनीमत रही कि बस गड्ढे में नहीं गिरी नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मऊ में घाघरा की लहरों की तेज रफ्तार से श्मशान घाट पर खतरा बढ़ गया है। गौरीशंकर, अंवराडांड़ पर घाघरा खतरे के निशान से ऊपर प्रवाहित हो रही है। बलिया में भी जलस्तर तेजी से बढऩे लगा है। बाढ़ का पानी खेतों में तेजी से भरते जाने से किसान दियारा में आवागमन की कठिनाई झेलने को विवश हैं। सोनभद्र में बीजपुर अंतर्गत दोधार गांव में तीन पुलिया बह गई। सड़के टूट गई।
गोरखपुर व बस्ती मंडल में नदियों के जलस्तर में घटाव व बढ़ाव को देखते हुए लगातार नजर रखी जा रही है। बस्ती में कलवारी-रामपुर तटबंध पर मटियरिया गांव के सामने सरयू नदी कटान कर रही है। पुराना ठोकर संख्या एक और नया ठोकर संख्या तीन के बीच हुई कटान में 70 मीटर तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया। ठोकर संख्या एक का नोज भी बह गया। कुशीनगर जिले में अहिरौलीदान के कचहरी टोला व बाघाचौर के नोनिया पट्टी टोला के सामने सबसे ज्यादा दबाव की स्थिति है। बचाव कार्य जारी है। महराजगंज में रोहिन नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई। गंडक नदी व महाव नाले का जलस्तर स्थिर है। जिलेभर में कुल 30 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई। घाघरा उतार पर, राप्ती गोर्रा के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई है।
बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में सोमवार को बारिश का सिलसिला थम गया। हालांकि दिनभर बादल छाए रहे। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा व जालौन में धूप निकलने से उमस रही। उन्नाव, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, फतेहपुर व कानपुर देहात में मौसम सुहाना रहा। उन्नाव में गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई। रविदास नगर, इंदिरानगर, शक्तिनगर में कटान तेज है। फर्रुखाबाद में रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया। महोबा में रपटा में नहाने उतरे युवक की तेज धार में फंसकर डूबने से मौत हो गई। कानपुर नगर में लगातार दूसरे पारा चढ़ा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गंगा, सुखरो, मालन समेत सभी नदियां उफान पर हैं। बिजनौर जनपद की नदियों में जलस्तर उफान पर हैं। पानी किनारे तोड़ बस्तियों में घुस गया है। गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। गंगा खतरे के निशान को छू रही है। मंडावर एवं नांगल सोती क्षेत्र के गांव जलभराव की चपेट में आ गए हैं। जलीलपुर क्षेत्र के दत्तियाना, स्याली, सुजातपुर, सीकरी, रायपुर खादर, जमालुद्दीनपुर व नारनौर गांवों के रास्ते जलभराव के चलते बंद हो गए हैं।
खो नदी के पानी से गांव मुकरपुरी, गंगाधारपुर, सिपाहियोवाला, बेरखेड़ा टांडा, भगवानपुर रैनी, नवादा, जमापुर जगीर, शरीफपुर, हुमांयूपुर, जगतपुर और शेरपुर रैनी में सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हो गई है। स्योहारा-सूरजनगर मार्ग पर जलभराव के कारण आवागमन बंद हो गया। मालन नदी की तेजधार ने गांव बीरूवाला में कटान शुरू कर दिया है। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।वहीं बिजनौर के खो व हरेवली बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मुरादाबाद जनपद में भी बाढ़ के हालात बन गए हैं। रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 40 सेमी. ऊपर पहुंच गया है। पचास गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिर गए हैं। मूंढापांडे में एक किशोर की कोसी नदी में डूबकर मौत हो गई। रायभूड़ व गोपालपुर गांव के चारों ओर पानी भरने से ग्रामीणों की आवाजाही बंद हो गई है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियां अलर्ट कर दी हैं। मेरठ से एक कंपनी पीएसी के गोताखोर मंगाए हैं, जो ठाकुरद्वार में कैंप कर रहे हैं।