
वाराणसी। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में पूर्वांचल के वाराणसी, बलिया, चंदौली, आजमगढ़ व गाजीपुर में सोमवार को लोगों का आक्रोश सड़क पर उतरा। इस क्रम में चंदौली में सर्वाधिक कड़ा प्रतिरोध सामने आया जहां हाईवे जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों से पुलिस की नोकझोंक हो गई।
चंदौली में प्रदर्शनकारियों ने विकास भवन से एसपी कार्यालय तक जुलूस निकालकर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान पुलिस से झड़प हो गई लेकिन, आंदोलनकारी हाईवे की दोनो पटरियों पर जमे रहे। घंटों वाहनों का लंबा जाम लग गया। वाराणसी में एक्ट के खिलाफ जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय के घेराव की कोशिश की गई। पुलिस ने रोका तो युवाओं ने सड़क पर धरना दिया।
एसीएम द्वितीय के आने पर उन्हें प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया जिसमें अग्रिम जमानत की व्यवस्था के साथ ही फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले को सजा तथा पीडि़त को मुआवजा देने की मांग की। आजमगढ़ में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार संशोधन को तुरंत वापस ले वरना वह आत्मदाह को विवश होंगे।हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष विनीत कुमार रंजन ने कहा कि एससी-एसटी का काला कानून, जिसमें बिना जांच के ही गिरफ्तारी का प्रावधान है, तुरंत वापस होना चाहिए।गाजीपुर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नेतृत्व में अस्तित्व बचाओ आंदोलन के तहत तहसील से मशाल जुलूस निकाला गया। वक्ताओं ने इसे वोट के लिए सबसे घृणित कार्य बताया। जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने आरोप लगाया कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन केवल वोट बैंक की गंदी राजनीति के लिए हुआ है। बलिया में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के समर्थकों ने जिलाध्यक्ष राजीव सिंह टिल्लू के नेतृत्व में बाइक जुलूस निकाला। भीमपुरा से निकला जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां युवाओं ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।