
धनबाद : केंद्रीय कोयला सचिव डॉ. इंद्रजीत सिंह का दो दिवसीय धनबाद दौरा भाजपा के लिए घोर निराशाजनक रहा है। डॉ. सिंह ने धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) रेल लाइन को फिर से चालू करने की मांग को खारिज कर लाखों लोगों को निराश किया है। इससे भाजपा की संभावनाओं में पलीता लग गया है। इसका खामियाजा धनबाद के सांसद पीएन सिंह और गिरिडीह के सांसद रवींद्र पांडेय को लोकसभा चुनाव-2019 में भुगतना पड़ सकता है।
धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन को असुरक्षित बताते हुए 15 जून 2017 को बंद कर दिया गया था। बंद करने से पहले वैकल्पिक मार्ग निर्माण की बात तो दूर पहल तक नहीं की गई। इससे लाखों लोग प्रभावित हुए। यह रेल लाइन धनबाद और गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र से होकर गुजरती है। दोनों स्थानों से क्रमश: भाजपा के पीएन सिंह और रवींद्र पांडेय सांसद हैं। रेल लाइन बंदी के बाद से ही केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ यहां जबरदस्त आक्रोश है।
मिशन-2019 की तैयारी में जुटी भाजपा के लिए राहत की बात थी कि रेलवे ने बंद लाइन को चालू करने का संकेत दिया था। उम्मीद की जा रही थी कि चुनाव से पहले डीसी लाइन चालू हो जाएगी। ऐसा होने पर जनता फिर से भाजपा के साथ आ सकती है। लेकिन, केंद्रीय कोयला सचिव डॉ. इंद्रजीत सिंह ने धनबाद दौरे के दौरान डीसी लाइन चालू करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि रेल लाइन के नीचे आग है। जान-माल खतरे में डाल रेल लाइन चालू नहीं की जा सकती है।
इससे धनबाद भाजपा फैकफुट पर आ गई है। भाजपा नेताओं ने कई मौकों पर डीसी रेल लाइन का मुद्दा उठाया। दो-दो सासद धनबाद के सासद पशुपतिनाथ सिंह एवं गिरिडीह के सासद रवींद्र पाडेय समेत विधायकों ने डीसी लाइन पर ट्रेन चलाने की माग की। रेल मंत्री से प्रतिनिधिमंडल मिला। विधायक भी दिल्ली गए। इसी पखवाड़े में रेल मंत्री पीयूष गोयल एवं मुख्यमंत्री रघुवर दास के बीच मुलाकात ने डीसी लाइन के प्रति उम्मीद जगा दी थी। कोयला सचिव के धनबाद दौरे को लेकर लोग उत्साहित थे। वहीं मामले पर कोयला सचिव ने डीसी लाइन को असुरक्षित बता यह संकेत दे दिया कि फिलहाल डीसी लाइन पर ट्रेन परिचालन की संभावना क्षीण है।
धनबाद जिला भाजपा के महामंत्री संजय झा कहते हैं, नौकरशाहों को बयानबाजी से बचना चाहिए। डीसी लाइन चालू करने को लेकर रेलवे विचार कर रहा है। ऐसे में कोयला सचिव को बयानबाजी करने का कोई अधिकार नहीं है। वैसे भी रेल कोयला सचिव के क्षेत्राधिकार का विषय नहीं है। उनकी शिकायत सरकार स्तर पर की जाएगी।