उत्तराखंड में अब एक साथ होंगे छात्रसंघ चुनाव, ईवीएम से पड़ेंगे वोट

देहरादून: उच्च शिक्षा में शैक्षिक सत्र को नियमित करने में कामयाबी मिलने के बाद अब छात्रसंघ चुनाव में सुधार की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस पहल कर दी है। पहली बार प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव एक ही दिन होंगे। इस चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल होगा। 

एक ही दिन चुनाव कराने की मुहिम के तहत दस हजार से अधिक छात्रसंख्या वाले कॉलेजों में ईवीएम से अनिवार्य रूप से चुनाव कराए जाएंगे। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को दस सितंबर तक अनिवार्य रूप से चुनाव कराने होंगे। छात्रसंघ चुनाव में छह पद चुनाव और इतने ही पद यानी छह पद नामित सदस्यों से भरे जाएंगे। चुनाव खर्च की सीमा पांच हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है। 

छात्र महासंघ चुनाव के लिए छात्रों को जेब ढीली करते हुए अब पांच रुपये ज्यादा फीस देनी होगी। राज्य सरकार ने लिंगदोह सिफारिशों को छात्र संघों, संगठनों और शिक्षाविदों से राय-मशविरे के व्यावहारिक रूप दिया है। इन सिफारिशों को व्यावहारिक बनाने के लिए अल्मोड़ा आवासीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एचएस धामी की अध्यक्षता समिति गठित की गई थी। समिति की ओर से उक्त सिफारिशों में किए गए संशोधन को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। 

शुक्रवार को विधानसभा स्थित सभाकक्ष में पत्रकारों से रूबरू उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में लागू किए जा रहे सुधारों का मकसद शैक्षिक सत्र को नियमित करने के साथ ही वर्षभर में न्यूनतम 180 दिन कक्षाएं संचालित करना है। एक ही तिथि पर चुनाव होने से राज्य में 42 दिन तक चलने वाले चुनाव जल्द संपन्न होंगे। अकेले देहरादून जिले में छात्रसंघ चुनाव में 22 दिन खर्च हो रहे हैं। 

बीते शैक्षिक सत्र में राज्य में औसतन 168 दिन पढ़ाई हुई। सिर्फ दून विश्वविद्यालय में 223 दिन शिक्षण कार्य हुआ। लिंगदोह समिति ने पांच वर्ष के बाद खुद ही अपनी सिफारिशों की समीक्षा करने को कहा है। राज्य सरकार ने आठ साल बाद यह कदम उठाया है। उपाध्यक्ष पद महिला आरक्षित यह तय किया गया है कि छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष, महासचिव एवं कोषाध्यक्ष समेत छह पदों पर चुनाव होगा, जबकि छह पदों पर सदस्य नामित किए जाएंगे। 

नामित सदस्यों में स्नातक व परास्नातक के टॉपर्स, एनसीसी, एनएसएस व रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाएगा। उपाध्यक्ष का पद महिला आरक्षित होगा। अध्यक्ष एवं महासचिव के पद अगले चुनाव में रोटेशन से आरक्षित किए जाएंगे। छात्रसंघ चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे, लेकिन जिन कॉलेजों में प्राचार्य मांग करेंगे, वहां ईवीएम भेजी जाएंगी। साथ में जिन कॉलेजों में छात्रसंख्या दस हजार से अधिक है, वहां अनिवार्य रूप से ईवीएम से चुनाव कराए जाएंगे। 

प्रदेश में दस हजार से ज्यादा छात्रसंख्या वाले दो कॉलेजों डीएवीपीजी कॉलेज, देहरादून और एमबीपीजी, हल्द्वानी में ईवीएम से ही चुनाव होंगे। एक दिन चुनाव के चलते कॉलेजों में मतदान और मतगणना एक दिन होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। छात्रसंघ की तरह छात्र महासंघ के चुनाव भी एक ही तिथि पर होंगे। यह चुनाव भी 15 सितंबर तक करा लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि छात्र संघों और संगठनों के साथ बातचीत के बाद यह कदम उठाया गया है। 

छात्रसंघ कोष का अब संयुक्त संचालन

छात्रसंघ चुनाव में खर्च की सीमा में छात्रनेताओं को राहत मिली है। लिंगदोह समिति ने जहां यह सीमा महज पांच हजार रुपये तक सीमित की थी, वहीं राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया है। 10 हजार से ज्यादा संख्या वाले कॉलेजों में चुनाव खर्च की यह सीमा 50 हजार रुपये तक तय की गई है। वहीं छात्रसंघ कोष को खर्च करने के लिए छात्रसंघ को कॉलेज प्रशासन के आगे एड़ियां नहीं रगड़नी पड़ेंगी। इस कोष को खर्च करने का संयुक्त अधिकार कॉलेज प्राचार्य, चुनाव अधिकारी अथवा अधिष्ठाता छात्र कल्याण के साथ छात्रसंघ अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष को मिलेगा। यह कोष संयुक्त खाते से संचालित होगा। 

एकेडमिक काउंसिल में छात्रसंघ का दखल

एक महत्वपूर्ण निर्णय में छात्रसंघ पदाधिकारियों व मेधावी छात्रों का दखल विश्वविद्यालयों की एकेडमिक काउंसिल में रखा गया है। छात्रसंघ अध्यक्ष, महासचिव को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में परिषद में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छात्रसंघ और महासंघ के चुनाव की तिथियां 30 अगस्त तक घोषित की जाएंगी। इसके बाद प्राचार्य चुनाव की अधिसूचना जारी करेंगे। छात्रसंघ चुनाव के तुरंत बाद सरकार छात्रसंघ सम्मेलन आयोजित करेगी। इसमें उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए छात्रसंघ पदाधिकारियों से सुझाव लिए जाएंगे। 

पत्रकार वार्ता से पहले उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने उच्च शिक्षा प्रभारी सचिव अशोक कुमार, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ यूएस रावत, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डीके नौरियाल, आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति प्रो एचएस धामी, उच्च शिक्षा प्रभारी निदेशक डॉ जेपी घिल्डियाल और कॉलेज प्राचार्यो के साथ बैठक कर छात्रसंघ चुनाव को लेकर लिए गए निर्णयों पर चर्चा की। 

सेमेस्टर परीक्षा परिणाम को लेकर लामबंद हुए छात्र 

बीए एवं बीएससी के कई सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम घोषित न होने को लेकर गुस्साए छात्रों ने डीबीएस कॉलेज में एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के कुलपति का पुतला फूंका। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द परिणाम घोषित नहीं किया गया तो छात्र आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे और भूख हड़ताल भी शुरू कर देंगे। डीबीएस छात्रसंघ अध्यक्ष योगेश घाघट के नेतृत्व में शुक्रवार को छात्रों ने प्राचार्य के माध्यम से विवि कुलपति को ज्ञापन भेजा।

बताया कि अभी तक महाविद्यालय में बीए एवं बीएससी दूसरे, चौथे एवं छठे सेमेस्टर का परिणाम लंबित है, जिससे आगे के दाखिले भी रुके हैं। इसके चलते सैकड़ों छात्र-छात्राएं परेशानी झेल रहे हैं। छात्र कॉलेज तो आ रहे हैं, लेकिन दाखिला नहीं होने के कारण नई कक्षाओं में नहीं बैठ पा रहे हैं। करीब दो महीने पहले जून में स्नातक कक्षाओं के पेपर हो चुके हैं, लेकिन विवि अभी तक परिणाम घोषित नहीं कर पाया। पुतला दहन करने वालों में एबीवीपी के संगठन मंत्री अरुण चमोली, प्रदीप कुमार, हिमांशु कुमार, मनवीर नेगी आदि मौजूद रहे। 

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो चुनाव

छात्रसंघ चुनावों में कड़े नियम-कानून अपनाने एवं पारदर्शिता बरतने को लेकर अखंड भारतीय छात्र संगठन आगे आया है। छात्र संगठन ने शुक्रवार को डीएवी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना को ज्ञापन सौंपा। कहा कि सभी दाखिलों के बाद छात्रसंघ चुनाव की घोषणा की जाए। सभी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप हों। चुनाव के दौरान महाविद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे रिकॉर्डिग को लगाए जाएं ताकि उपद्रवी तत्वों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए छात्रों के महाविद्यालय परिसर में घुसने पर प्रतिबंध लगे। 

संगठन के नेता अश्विनी पांडे व सागर जोशी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव से पूर्व आमसभा की जाए, जिसमें चुनाव लड़ने वाले छात्र अपने उद्देश्य छात्रों के सम्मुख प्रस्तुत कर सकें। पूर्व उपाध्यक्ष हुए सत्यम में शामिल डीएवी महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष बालम सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष भावना एवं शिवानी ने अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार को सत्यम-शिवम छात्र संगठन का दामन थाम लिया। इन छात्र नेताओं ने कहा कि वह संगठन से महासचिव के दावेदार सचिन नैथानी का समर्थन करेंगे। इस मौके पर वरिष्ठ छात्र नेता संदीप शर्मा, जावेद खान, अमित रावत, राजेश रावत, शिवेश बहुगुणा आदि मौजूद रहे। 

राज्य में यूटीईटी परीक्षा 14 दिसंबर को होगी 

प्राथमिक व जूनियर शिक्षक बनने के लिए होने वाली यूटीईटी (उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा) प्रथम व द्वितीय की कवायद शुरू हो गई है। राज्य के 29 शहरों में 14 दिसंबर को यह परीक्षा आयोजित की गई है। एक सितंबर से 27 सितंबर तक राज्य के 42 डाकघरों में आवेदन पत्रों की बिक्री की जाएगी। परीक्षा का शुल्क भी तय कर दिया गया है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा शिक्षा परिषद हर साल इस परीक्षा का आयोजन करता है। पहले इस बार परीक्षा के लिए आवेदन ऑनलाइन मांगने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन फिलहाल इसे टाल दिया गया है। 

ओबीसी और सामान्य अभ्यर्थी यदि टीईटी प्रथम की परीक्षा देगें तो उन्हें छह सौ रुपये शुल्क देना पड़ेगा। यदि कोई अभ्यर्थी प्रथम व द्वितीय दोनों परीक्षा देना चाहता है तो उसे एक हजार रुपये शुल्क देना होगा। एससी, एसटी व दिव्यांग को पहली टीईटी के लिए तीन सौ व दोनों के लिए 500 रुपये शुल्क देना होगा। परिषद के संयुक्त सचिव बृजमोहन रावत ने बताया कि आवेदन पत्र परिषद कार्यालय पहुंचने की अंतिम तिथि 30 सितंबर तय है। 14 दिसंबर परीक्षा कराने की तिथि तय की गई है।