मंजू वर्मा औऱ उनके पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हो सकती है गिरफ्तारी

बेगूसराय। समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाली पूर्वमंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। चेरियाबरियारपुर थाना कांड सं  143 /18 आर्म्स एक्ट के मुकदमे में पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा एवं पति चन्देश्वर वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका को एडीजे-5 की कोर्ट ने खारिज कर दिया है।मंजू वर्मा औऱ उनके पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हो सकती है गिरफ्तारी

विगत 17 अगस्त को मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा के बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर स्थित आवास पर सीबीआइ की छापेमारी के दौरान बरामद सभी 50 जीवित कारतूस अवैध पाए गए हैं। इस मामले में सीबीआइ के डीएसपी ने मंजू वर्मा और उनके पति के खिलाफ अवैध हथियार व कारतूस रखने की चेरिया बरियारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बेगूसराय पुलिस ने जब्त किए गए सभी कारतूस को जांच के लिए पटना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेज दिया था।

बेगूसराय के एसपी आदित्य कुमार ने मंगलवार को बताया कि जांच रिपोर्ट में पता चला है कि मंजू वर्मा के घर से जितने भी कारतूस बरामद किए गए हैं, वे सभी अवैध हैं। एसपी ने यह भी बताया कि जिला पुलिस को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच रिपोर्ट मिलते ही पुलिस दोनों की गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी।

वहीं एसपी ने यह भी बताया कि मंजू वर्मा के पुत्र ने मंगलवार को उनसे मिलकर गुहार लगाई है कि उनके घर से बरामद किए गए कारतूस उनके नहीं हैं। एसपी ने बताया कि उन्होंने मंजू वर्मा के पुत्र को उक्त बातें लिखित रूप से देने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर उनके द्वारा लिखित आवेदन दी जाती है तो उस आवेदन के आलोक में भी जांच कराई जाएगी।

बता दें कि विगत शुक्रवार को मंजू वर्मा के श्रीपुर के अर्जुन टोला स्थित आवास पर सीबीआइ की छापेमारी के दौरान पचास राउंड कारतूस बरामद किए गए थे। सीबीआइ ने पूर्व मंत्री के घर में रखे एक बॉक्स से .32 बोर के 15 कारतूस, 8 एमएम बोर के 10 कारतूस, 7.62 बोर के 19 कारतूस एवं थ्री नोट थ्री बोर के छह कारतूस बरामद किए थे। उक्त सभी कारतूस प्रतिबंधित श्रेणी के हैं।

एसपी आदित्य कुमार ने बताया कि मंजू वर्मा को कुल 16 अंगरक्षक व हाउसगार्ड उपलब्ध कराए गए थे। इनमें 1/4 को हाउसगार्ड, 1/4 स्कॉर्ट पार्टी, तीन अंगरक्षक और तीन विशेष शाखा के अंगरक्षक उपलब्ध कराए गए थे। इनमें दो अंगरक्षक एसएलआर से लैस थे। लेकिन दोनों ही एसएलआरधारी अंगरक्षकों की गोलियों का जब हिसाब किया गया तो वे ठीक पाए गए। ऐसे में सवाल उठता है कि मंजू वर्मा के घर प्रतिबंधित श्रेणी के कारतूस कहां से आए।